यह पहल देश की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करेगी : प्रधानमंत्री श्री मोदी- वर्तमान और भावी पीढ़ियां भारत के स्वर्णिम अतीत से होंगी परिचितभारतीय संस्कृति की पहचान है विक्रम संवत
भोपाल/ नई दिल्ली , 12 अप्रैल, campussamachar.com, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( Narendra Modi Prime Minister of India) ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ( Chief Minister Dr Mohan Yadav) की पहल पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में होने वाले तीन दिवसीय ‘सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य’ और इससे जुड़ी प्रदर्शनियों के आयोजन की सराहना की है।
प्रधानमंत्री मोदी ( Narendra Modi Prime Minister of India) ने अपने संदेश में कहा है कि “मुझे खुशी है कि मध्यप्रदेश के ऊर्जावान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ( Chief Minister Dr Mohan Yadav) के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा और वैभव को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।” प्रधानमंत्री मोदी ( Narendra Modi Prime Minister of India) ने कार्यक्रम के आयोजकों एवं इसमें हिस्सा ले रहे देश के कलाकारों को आयोजन की सफलता की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं।
Vikramotsav 2025: प्रधानमंत्री मोदी ( Narendra Modi Prime Minister of India) ने संदेश में लिखा है कि युगपुरुष सम्राट विक्रमादित्य का शासनकाल जनकल्याण, सुशासन और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए जाना जाता है। वह भारत की न्यायप्रिय और लोक कल्याणकारी नेतृत्व परंपरा के प्रतीक थे। उन्होंने साहित्य, कला और विज्ञान को जिस रूप में प्रोत्साहित किया, वह आज भी हमारे लिए आदर्श है। उनके काल की ‘विक्रम संवत’ परंपरा आज भी भारतीय संस्कृति की पहचान है। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य और प्रदर्शनी का महत्व एक सांस्कृतिक आयोजन से कहीं अधिक है। इसका उद्देश्य हमारे इतिहास, हमारी जड़ों और हमारे आत्मबोध को एक उत्सव के रूप में मनाने का है। मुझे विश्वास है कि ऐसे आयोजनों से वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियां भारत के स्वर्णिम अतीत से परिचित होंगी और उससे प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में आगे बढ़ेंगी।
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Vikramotsav 2025: प्रधानमंत्री मोदी ( Narendra Modi Prime Minister of India) ने लिखा है कि सांस्कृतिक मूल्यों को आधार बनाकर, आधुनिकता और विरासत को साथ लेकर, इस अमृत काल में विकसित भारत की ओर अग्रसर राष्ट्र पर सभी को गर्व है। इस यात्रा में सम्राट विक्रमादित्य समेत हमारे महापुरुषों से मिली न्याय, पराक्रम और सेवा जैसी शिक्षाएं हमारा मार्गदर्शन करेंगी। यह आयोजन देश की सांस्कृतिक चेतना को और सशक्त बनाते हुए युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़कर आत्मविश्वास से पूर्ण, जागरूक औ कर्तव्यनिष्ठ नागरिक के रूप में तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा।
