
- प्रशिक्षण सत्रों में शिक्षकों को कक्षा प्रबंधन, छात्रों की रुचि बढ़ाने और शिक्षण में नवीन तकनीकों को लागू करने के तरीके प्रांत से आए हुए मास्टर ट्रेनर अखिल भारतीय एवं क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा सिखाया गया।
भुवनेश्वर/ नई दिल्ली 06 जून , campus samachar.com, ओडिशा में विद्या भारती पूर्व क्षेत्र द्वारा भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित चार दिवसीय पंचपदी शिक्षण पद्धति प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न हुआ। यह कार्यशाला शिक्षकों की क्षमता विकास के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें कक्षा शिक्षण में पाठ योजना पंचपदी शिक्षण पद्धति के पांच पदों—(अधिति, बोध, अभ्यास प्रयोग , प्रसार ) द्वारा प्रस्तुति, प्रदर्शन, संवाद, मूल्यांकन और पुनर्बलन—पर केंद्रित प्रशिक्षण दिया गया। इस पद्धति का उद्देश्य शिक्षण को अधिक प्रभावी, छात्र-केंद्रित और समग्र बनाना है।कार्यशाला में ओडिशा, सिक्किम , उत्तर और दक्षिण बंगाल के विभिन्न प्रधानाचार्य,आचार्य आचार्या, कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण सत्रों में शिक्षकों को कक्षा प्रबंधन, छात्रों की रुचि बढ़ाने और शिक्षण में नवीन तकनीकों को लागू करने के तरीके प्रांत से आए हुए मास्टर ट्रेनर अखिल भारतीय एवं क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा सिखाया गया। विशेषज्ञों ने पंचपदी पद्धति के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला, जिससे शिक्षक इसे अपनी कक्षाओं में लागू कर सकें।विद्या भारती,ने इस कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को भारतीय शैक्षिक मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षण विधियों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला द्वारा सीखे हुए जानकारी से शिक्षक न केवल बेहतर शिक्षण तकनीकों को अपनाएंगे, बल्कि छात्रों में नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों का भी विकास करेंगे।समापन समारोह में विद्या भारती अखिल भारतीय संगठन मंत्री माननीय गोविंद चंद्र मोहंत ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे इस पद्धति को अपनी कक्षाओं में लागू करें ताकि शिक्षा अधिक रोचक और प्रभावी हो सके।

कार्यशाला में क्षेत्रों से 70 कार्यकर्ताओं की सहभागिता रहा। सिक्किम प्रांत से 3 कार्यकर्ता रानीपूल विद्यालय से आचार्या श्रीमती अनिता सिंह, सामदोंग विद्यालय से प्रधानाचार्य श्री दीपेश भट्टाराई एवं प्रांत के प्रशिक्षण प्रमुख श्री सूर्य धिताल का उपस्थिति रहा।
सूर्य धिताल
प्रांत कार्यालय प्रमुख
विद्या भारती सिक्किम
