लखनऊ , 17 मार्च उ0 प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पाण्डेय गुट) का एक प्रतिनिधिमंडल 16 मार्च 2026 को संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 जितेन्द्र कुमार सिंह पटेल जी नेतृत्व में अध्यापको की समस्याओं को लेकर शिक्षा निदेशक (मा०) डॉ० महेन्द्र देव से शिक्षा निदेशक शिविर कार्यालय लखनऊ में मिला। डायरेक्टर से बताया गया कि 28 मार्च 2oo5 के पूर्व विज्ञापित पदों के प्रति जो भी अध्यापक एवं कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित हुये हैं। उनके NPS की धनराशि आज तक ब्याज के साथ GPF खाते में नहीं भेजी गई है. इस पर उन्होंने सम्बन्धित पटल सहायक को बुलाकर पूरे प्रदेश के जिला विद्यालय निरीक्षकों के लिये 31 मार्च 2026 के पूर्व धनराशि को ब्याज सहित सम्बन्धितो के GPF खाते में अवश्य भेजने के लिये आज ही पत्र बनाने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त अध्यापकों एवं कर्मचारियों को कैशलेश इलाज की सुविधा दिये जाने और सहायक अध्यापको को सहायक प्रवक्ता पद नाम दिये जाने पर उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही इन दोनों का शासनादेश निर्गत हो जायेगा। इसके अतिरिक्त धारा 12,18,21 तदर्थ अध्यापकों के विनियमितिकरण,वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों एवं कर्मचारियों को पांच अंको में सम्मानजनक मानदेय दिये जाने और उनकी सेवा शर्तों से सम्बन्धित नियमावली बनाये जाने, 28 मार्च 2005 के पूर्व जिन अध्यापकों और कर्मचारियों की मृतक आश्रित पदों पर नियुक्ति हो गई थी लेकिन उन लोगों ने कार्यभार मार्च के बाद में ग्रहण किया उन लोगों को भी पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित किये जाने के लिए शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने पुनः अपनी मांग दोहराई।

संगठन प्रवक्ता श्री ओमप्रकाश त्रिपाठी ने विषय विशेषज्ञों के पक्ष में दलील पेश करते हुए अपने जोरदार वक्तव्य में कहा कि विज्ञापन के आधार पर जैसे सभी शिक्षकों को पुराने पेंशन से आज आच्छादित किया गया है वैसे ही प्राकृतिक न्याय के तहत विषय विशेषज्ञों को भी पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित किये जाने का जल्द आदेश निर्गत किया जाए इस पर शिक्षा निदेशक (मा०) ने कहा कि यह सब प्रकिया शासन में गतिमान हैं और बहुत जल्द ही इनका भी शासनादेश निर्गत हो जायेगा। प्रतिनिधिमंडल ने डायरेक्टर महोदय को सकारात्मक वार्ता के लिए धन्यवाद दिया।
