
- नेताओं का कहना है कि दशकों से विभागीय सेवा शर्तों के साथ सेवा देते आ रहे शिक्षकों के हितों पर प्रति कूल प्रभाव है।
- शिक्षा का अधिकार अधिनियम एवं NCTE अधिनियम लागूं होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से छूट प्रदान करने हेतु अधिनियम में संशोधन हेतु एक मांग पत्र PM तथा HRD मंत्री को सम्बोधित ज्ञापन 11 सितंबर जनपदों के BSA के माध्यम से दिया जाएगा।
लखनऊ, 07 सितम्बर , सेवा में बने रहने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य किए जाने के विरोध में शिक्षक संगठन आंदोलन की शुरुआत करने जा रहे हैं . उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ इस मुद्दे पर जिला संगठन के माध्यम से आंदोलन शुरू कर रहा है . संगठन के प्रदेश अध्यक्ष योगेश त्यागी और महामंत्री नरेश कौशिक के द्वारा संगठन के सभी प्रदेशीय कार्यसमिति के पदाधिकारी/ सदस्य और प्रदेश के सभी मण्डल अध्यक्ष/महामंत्री को इस संबंध में दिशा निर्देश भेजे हैं .
इनमें कहा गया है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने की अनिवार्यता ने शिक्षकों के लिए बड़ी मुश्किल पैदा कर दी. पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षक विभागीय नियमों और सेवा शर्तों के रूप नियुक्ति प्रकार कार्य कर रहा है . ऐसे में अन्य योग्यता लागू करना शिक्षक की भविष्य के साथ खिलवाड़ है . इसलिए इसे रोकने के लिए अब जिले से लेकर दिल्ली तक लड़ाई लड़ी जाएगी. संगठन ने पदाधिकारियों से कहा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा के सम्बंध में 01 सितंबर 2025 को निर्णय दिया है, जो देश तथा प्रदेश के बेसिक शिक्षकों के हितों के विपरीत प्रतीत होता है। दशकों से विभागीय सेवा शर्तों के साथ सेवा देते आ रहे शिक्षकों के हितों पर प्रति कूल प्रभाव है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम एवं NCTE अधिनियम लागूं होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से छूट प्रदान करने हेतु अधिनियम में संशोधन हेतु एक मांग पत्र भारत सरकार के प्रधानमंत्री तथा मानव संशाधन विकास मंत्री को सम्बोधित दिनांक 11 सितंबर 2025 को दिन के 02बजे सम्बंधित जनपदों के सम्मानित जिला अधिकारियों के माध्यम से दिया जाएगा।
ऐसे होगा आन्दोलन
13 सितंबर 2025 से 26 सितंबर 2025 तक सभी जिला अध्यक्ष/ महामंत्री उक्त मांग पत्र अपने अपने जनपदों में अपने लेटर पैड पर टाइप कराकर लोक सभा सांसदों एवं राज्य सभा सांसदों के माध्यम से भारत सरकार को मांग पत्र दिया जाएगा। ऐसा करने के बाद भी यदि भारत सरकार द्वारा संशोधन हेतु कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो देश तथा प्रदेश का बेसिक शिक्षक अपनी मांगों को पूरा करने के लिए देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान अथवा जंतर मंतर पर अनवरत बेसिक शिक्षकों के साथ शांति पूर्ण धरना कार्यक्रम कानून में संशोधन होने तक किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के उन्नाव के जिला अध्यक्ष अनुपम मिश्र ने बताया कि पत्र की प्रतियाँ प्रधान मंत्री कार्यालय , गृह मंत्री भारत सरकार, मानव संशाधन विकास मंत्री , मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, बेसिक शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश ,अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ,हानिदेशक महोदय स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश, शिक्षा निदेशक बेसिक उत्तर प्रदेश को भी भेजी गई हैं .
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