- “गृहे गृहे संस्कृतम्” योजना संस्कृत भाषा के संरक्षक के रूप में कार्य कर रही है!-योजना समन्वयक
लखनऊ, 10 जुलाई, उत्तर प्रदेश शासन के स्वायत्तशासी उत्तरप्रदेशसंस्कृतसंस्थानम् द्वारा संचालित “गृहे गृहे संस्कृतम्” योजना के अंतर्गत संस्कृत भाषा शिक्षण कक्षाओं के जुलाई मासीय आफ लाइन द्वादश दिवसीय शिविरों का ऑनलाइन माध्यम से उद्घाटन शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के लगभग 33 जनपदों से जुड़े करीब 45 शिक्षण केंद्रों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष मनीष चौहान एवं निदेशक प्रेमेन्द्र कुमार गुप्त के निर्देशन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में योजनाप्रभारी भगवान सिंह चौहान तथा समन्वयक डा.अनिल गौतम उपस्थित रहे।
जनपद जौनपुर के राम मनोहर लोहिया पब्लिक. विद्यालय में प्रधानाध्यापक डॉ अरविंद जी ने संस्कृत के महत्व के बारे में बच्चों को बताया तथा संस्कृत संभाषण सीखने के लिए प्रेरित किया। शिविर में संस्थान द्वारा प्रेषित शिक्षिका पूनम सिंह ने कहा ” यह शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं , संस्कृत सीखने,बोलने और.आनंद के साथ संस्कृत से जुड़ने का अवसर है। डायरेक्ट कैप्टन वी.पी. सिंह ने कहा – संस्कृत भारत की आत्मा,संस्कृति और ज्ञान परंपरा की आधार शिला है। संस्कृत हमें अपने जड़ों,प्राचीन ज्ञान, भाषा की शुद्धता,नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति से जोड़ती है।
योजना समन्वयक डॉ. अनिल गौतम ने कहा कि संस्कृत को व्यवहार में लाने की आवश्यकता है। गृहे गृहे संस्कृतम् योजना संस्कृत भाषा के संरक्षक के रूप में अनवरत कार्य कर रही है। इस योजना के अंतर्गत कार्यरत सभी प्रशिक्षक भाषा के संवर्धन व प्रचार प्रसार में महती भूमिका निभा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षण को केवल व्याकरण तक सीमित न रखकर संवाद, कहानी, गीत, अभिनय, खेल तथा तकनीकी माध्यमों से जोड़ा जाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन प्रांजल ने किया। सरस्वती वंदना प्रशिक्षिका खुशबू तथा संस्थान गीतिका गीता वशिष्ठ द्वारा गया गया। प्रशिक्षिका कंचन द्वारा कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक कैलाश यादव जी, प्रधानाचार्य डॉ अरविंद कुमार, डायरेक्टर वी.पी सिंह,शिक्षक ओम प्रकाश यादव,प्रभात यादव,अभय सिंह शिक्षिका ज्योति यादव,अर्पिता सिंह,स्वाति सिंह, पुष्पा जी,ज्योति यादव, संजय यादव, जे.एन.सर सहित छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
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