
- उ0प्र0 माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री एवं प्रवक्ता डा0 आर0पी0 मिश्र ने आज लखनऊ में प्रेस कान्फ्रेंस में कहा शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालय संचालकों को धमकाकर उनकी जांच करा कर विद्यालय की मान्यता वापस लेने की धमकी देकर सत्ताधारी दल के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने का दबाव बना रहे हैं ।
लखनऊ। 24 जनवरी। उत्तर प्रदेश के तीन स्नातक व दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में विधान परिषद निर्वाचन (UP MLC chunav- 2023 )की प्रक्रिया गतिमान है तथा 30 जनवरी 2023 को मतदान होना है, किन्तु जिस तरह से सत्ताधारी दल के प्रत्याशी को जिताने हेतु सरकार के वरिष्ठ मंत्री व शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालय संचालकों, प्रधानाचार्यों व शिक्षकों को धमका रहे ह,ैं यह विशेष चिन्ताजनक है। खासतौर पर इलाहाबाद-झांसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सरकार के वरिष्ठ मंत्री व सांसद, विधायकगण तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियो द्वारा विद्यालय संचालकों पर भारतीय जनता पार्टी पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाया जा रहा है जो स्वस्थ लोकतन्त्र में उचित नहीं है। शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालय संचालकों को धमकाकर उनकी जांच करा कर विद्यालय की मान्यता वापस लेने की धमकी देकर सत्ताधारी दल के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने का दबाव बना रहे हैं जो लोकतन्त्र की खुली हत्या है।
UP MLC chunav- 2023 : यह आरोप आज उ0प्र0 माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री एवं प्रवक्ता डा0 आर0पी0 मिश्र, जिलाध्यक्ष डा0 आर0के0 त्रिवेदी, प्रदेशीय मंत्री नरेन्द्र कुमार वर्मा एवं जिला मंत्री महेश चन्द्र ने प्रेस कान्फ्रेंस में लगाए। नेताओं ने बताया कि इन परिस्थितियों में स्वतन्त्र व निष्पक्ष निर्वाचन सम्भव नहीं है विद्यालयों के प्रबन्धकों, प्रधानाचार्याें व शिक्षकों में भय व्याप्त है। वरिष्ठ मंत्री तथा सत्ताधारी दल के विधायक विद्यालयों के संचालकों को धमका रहे हैं। उन्हें गंभीर परिणाम की चेतावनी दे रहें हैं। इस परिस्थिति में मैं आप सम्मानित मीडिया के साथियों से तथा आपके माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग व सरकार से हम मांग करता हैं कि यह शिक्षकों का चुनाव है इसका राजनीतिकरण नही होना चाहिए इसे भय मुक्त वातावरण में सम्पन्न कराया जाना चाहिए।
campus news : प्रेस वार्ता में प्रदेशीय मंत्री एवं प्रवक्ता डा0 आर0पी0 मिश्र, जिलाध्यक्ष डा0 आर0के0 त्रिवेदी, प्रदेशीय मंत्री नरेन्द्र कुमार वर्मा, जिलामंत्री महेश चन्द्र, संघर्ष समिति के संयोजक अनिल शर्मा, कोषाध्यक्ष विश्वजीत सिंह, आय – व्यय निरीक्षक डा0 मीता श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष आलोक पाठक, संयुक्त मंत्री सुमित अजाय दास, बीरेंद्र कुमार त्रिपाठी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
