- केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान की उपस्थिति में तीन प्रतिष्ठित विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों—ब्रिस्टल विश्वविद्यालय, यॉर्क विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स—को भारत में अपने परिसर स्थापित करने हेतु अनुमोदन पत्र प्रदान किए गए
- यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अंतरराष्ट्रीयकरण के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है
- मुंबई और बेंगलुरु में स्थापित होने वाले ये परिसर भारत के ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार केंद्रों को वैश्विक शिक्षा सहयोग के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाएंगे
नई दिल्ली, 10 जून , (Pib delhi ) शिक्षा मंत्रालय द्वारा मंगलवार 09 जून को तीन वैश्विक प्रतिष्ठित विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों— ब्रिस्टल विश्वविद्यालय ( University of Bristol ) , यॉर्क विश्वविद्यालय (University of York – UK) और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स—को तीन अनुमोदन पत्र (एलओपीएस) जारी किए गए। ये ( University of Bristol, University of York and University of New South Wales to set up campuses in India ) अनुमोदन पत्र उच्च शिक्षा विभाग के सचिव एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष डॉ. विनीत जोशी द्वारा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में सौंपे गए।
ब्रिस्टल विश्वविद्यालय ( University of Bristol ) की कार्यकारी डीन एवं निदेशक सुश्री मिशेल जोन्स, यॉर्क विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर प्रोफेसर चार्ली जेफ्री, तथा यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स की डिप्टी वाइस-चांसलर (शिक्षा एवं छात्र अनुभव) प्रोफेसर सारा मैडिसन ने यह अनुमोदन पत्र व्यक्तिगत रूप से प्राप्त किए।
इस अवसर पर ब्रिटिश उच्चायोग, ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग, ब्रिटिश काउंसिल, शिक्षा मंत्रालय, यूजीसी, संबंधित विश्वविद्यालयों तथा अन्य गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
University of Bristol, University of York and University of New South Wales to set up campuses in India : समारोह को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इन तीनों विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में परिसर स्थापित किया जाना NEP 2020 के अंतरराष्ट्रीयकरण लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि ये संस्थान भारत में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, वैश्विक शैक्षणिक साझेदारी और अनुसंधान सहयोग को और मजबूत करेंगे।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ब्रिस्टल और यॉर्क विश्वविद्यालय (University of York – UK) मुंबई में तथा यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (University of South Wales ) बेंगलुरु में अपना परिसर स्थापित करेंगे। ये शहर भारत के प्रमुख ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार केंद्र हैं, और बेंगलुरु को वैश्विक स्तर पर “सिलिकॉन वैली ऑफ द ईस्ट” के रूप में भी जाना जाता है।
ब्रिस्टल विश्वविद्यालय का मुंबई एंटरप्राइज कैंपस इमर्सिव आर्ट्स, फाइनेंस, डेटा साइंस, अर्थशास्त्र, बिजनेस मैनेजमेंट, उद्यमिता और नवाचार जैसे क्षेत्रों में कार्यक्रम संचालित करेगा।
यॉर्क विश्वविद्यालय (University of York – UK) का मुंबई परिसर कंप्यूटर साइंस (एआई सहित), साइबर सुरक्षा, बिजनेस, अर्थशास्त्र, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज और मैनेजमेंट जैसे विषयों में कार्यक्रम प्रदान करेगा।
यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स ((University of South Wales ) यूएनएसडब्ल्यू) बेंगलुरु परिसर अगस्त 2026 से Manyata Business Park में प्रारंभ होगा, जिसमें बिजनेस, कंप्यूटर साइंस और साइबर सुरक्षा जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। साथ ही यह भारत के साथ नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, परिवहन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को भी बढ़ावा देगा।
यह पहल एनईपी 2020 के व्यापक अंतरराष्ट्रीयकरण एजेंडे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में वैश्विक मानकों को अपनाना और भारत को एक वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
यूजीसी के तहत बनाए गए नियम विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों को भारत में परिसर स्थापित करने के लिए एक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध ढांचा प्रदान करते हैं, जबकि संस्थागत स्वायत्तता और वैश्विक मानकों को बनाए रखते हैं।
ये परिसर भारत में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा की पहुंच बढ़ाएंगे, शैक्षणिक गतिशीलता को प्रोत्साहित करेंगे, अनुसंधान एवं नवाचार को सशक्त बनाएंगे और भारत–यूके तथा भारत–ऑस्ट्रेलिया शिक्षा सहयोग को और गहरा करेंगे।
यह पहल भारत के नियामक और शैक्षणिक ढांचे में अग्रणी वैश्विक संस्थानों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है तथा एक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, समावेशी और भविष्य-उन्मुख उच्च शिक्षा प्रणाली के निर्माण में योगदान देती है।
अब तक यूजीसी के एफएचईआई नियमों के तहत पाँच लओपीएस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्प्टन और यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल भी शामिल हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्प्टन ने 2025–26 सत्र से अपनी शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रारंभ कर दी हैं।
University of South Wales : इसके अतिरिक्त, यूजीसी द्वारा 10 आशय पत्र (एलओआईएस) भी विभिन्न प्रतिष्ठित विदेशी संस्थानों को जारी किए गए हैं, तथा डीकिन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ वूलोंगोंग और क्वीन्स यूनिवर्सिटी बेलफास्ट पहले ही गिफ्ट सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) में अपना संचालन प्रारंभ कर चुकी हैं।
