- गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती श्रावण शुक्ल सप्तमी को (19 अगस्त ) को मनायी जाएगी।
लखनऊ, लोकप्रिय सनातन ग्रन्थ श्रीरामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती श्रावण शुक्ल सप्तमी को मनायी जाती है, इस वर्ष 19 अगस्त को मनायी जाएगी। इस अवसर पर श्री तुलसी जन्मभूमि न्यास तथा सनातन धर्म परिषद द्वारा गोंडा में विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित किये जायेंगे, साथ ही भिन्न-भिन्न स्थानों पर श्रीरामचरितमानस का पाठ व गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवनी का प्रचार-प्रसार करने के लिए संगोष्ठियों का प्रबंध किया जाएगा। गोण्डा में गोेस्वामी तुलसीदास अंतर्राष्ट्रीय केन्द्रीय विश्वविद्यालय की मांग की गयी है।
लखनऊ के प्रेस क्लब में श्री तुलसी जन्मभूमि न्यास व सनातन धर्म परिषद के अध्यक्ष डाॅ. स्वामी भगवदाचार्य ने यह जानकारी दी, उन्होंने बताया कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से हजारों साधु-संतों को राजापुर, गोण्डा आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा गोस्वामी तुलसीदास का जन्म बाँदा के राजापुर ग्राम में होने का दावा करने वाले पूर्णरूप गलत है। विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्वानों द्वारा यह सिद्ध किया जा चुका है कि गोस्वामी तुलसीदास का जन्म गोण्डा जिले के राजापुर ग्राम में हुआ है। यहीं सरयू-घाघरा संगम के पास उनके गुरू नरहरिदास का आश्रम है। इसे सूकरखेत के नाम से जाना जाता है, जहाँ प्राचीन काल से पौष मास में एक माह का सूकरखेत मेला होता है। जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
यहाँ भी प्रयाग कुम्भ की तरह एक मास का कल्पवास होता है। गोस्वामी तुलसीदास का जन्म स्थान अयोध्या के 84 कोसी परिक्रमा क्षेत्र के भीतर आता है। उन्होेंने आगे कहा कि शासन द्वारा यहाँ तुलसीधाम, तुलसी भवन, तुलसी स्मारक, तुलसी पीठ, तुलसी थियेटर व तुलसी शोध संस्थाान आदि की व्यवस्था की गई है। उसी तरह भविष्य के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया गया है कि अयोध्या में रामपैड़ी व हरिद्वार में हरि की पैड़ी की तरह राजापुर सूकरक्षेत्र, गोण्डा मेें तुलसी की पैड़ी का निर्माण कराया जाना चाहिए। इसी के साथ केन्द्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह से गोेस्वामी तुलसीदास अंतर्राष्ट्रीय केन्द्रीय विश्वविद्यालय की मांग की गयी है।
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