नई दिल्ली , 19 मई , भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में साहित्य अकादेमी, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय तथा राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के संयुक्त सहयोग से 15 मई 2026 को श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ( Shri Lal Bahadur Shastri National Sanskrit University ) में प्रख्यात संस्कृत विद्वान, सांस्कृतिक चिन्तक एवं आध्यात्मिक मनीषी आचार्य दिनेश चन्द्र जोशी की जन्मशती के उपलक्ष्य में एक गरिमामय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ।

संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ( Shri Lal Bahadur Shastri National Sanskrit University ) के कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक ने कहा कि आचार्य दिनेश चन्द्र जोशी का सम्पूर्ण जीवन ज्ञान, करुणा और भारतीय संस्कृति को समर्पित था। उन्होंने कहा कि आचार्य जोशी का जीवन अत्यंत उद्देश्यमय रहा तथा उन्होंने अपने जीवन में कभी विश्राम नहीं किया। वे निरन्तर संस्कृत साहित्य के व्यापक अध्ययन एवं उसके मर्म को आत्मसात करने में संलग्न रहे।

प्रो. पाठक ने कहा कि इसी साधना के परिणामस्वरूप उनके व्यक्तित्व में करुणा, शान्ति, ज्ञान, समन्वय और परोपकार जैसे श्रेष्ठ गुण विकसित हुए। उन्होंने वैदिक संस्कृति और भारतीय दर्शन पर अपने प्रवचनों के माध्यम से समाज को संस्कृत का वास्तविक स्वरूप समझाया, जो आज भी श्रेष्ठ समाज निर्माण की दिशा में प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि आचार्य दिनेश चन्द्र जोशी जैसे महान विद्वानों का जीवन भारतीय ज्ञान परम्परा की जीवंत अभिव्यक्ति है। उनके विचारों और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए वर्षभर जन्मशती से जुड़े शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
