लखनऊ, 18 मई , लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा )के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर मनोज पाण्डेय और महामंत्री प्रोफ़ेसर अंशु केडिया ने आज कुलपति प्रोफ़ेसर जेपी सैनी को पत्र लिख कर रजिस्ट्रार द्वारा प्रतिकर अवकाश की व्यवस्था न होने की जानकारी देने पर सख्त नाराजगी जताई है .शिक्षक नेताओं ने कुलपति प्रोफ़ेसर सैनी से कहा है कि वे कृपया कुलसचिव महोदया द्वारा निर्गत पत्र T-9029-41 दिनांक 14/ 05/26 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करे l कुलसचिव द्वारा अवगत कराया गया है कि परिनियमावली मे प्रतिकर अवकाश की व्यवस्था न होने के कारण, अवकाश देय नहीं होगा, एवं उक्त आदेश की प्रति सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु सभी सहयुक्त महाविद्यालयों के प्राचार्यो को भी प्रेषित किया गया है l
पत्र कहा गया है कि आप ( कुलपति प्रोफ़ेसर जेपी सैनी ) अवगत है कि यू जी सी रेगुलेशन 2018 जिसे राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 50(6) के अंतर्गत अंगीकृत किया गया एवं उक्त हेतु शासनादेश संख्या 1190/ सत्तर-1-2019-16(114) /दिनांक 15 अक्टूबर 2019 निर्गत किया गया है, जिसमे विश्वविद्यालय की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यो के निष्पादन हेतु दिशा निर्देश जारी किये गए हैं l परीक्षा समय से कराना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है और शिक्षकों का कार्य परीक्षाओं में सहयोग करना है, साथ ही साथ अवकाश घोषित किया जाना भी विश्वविद्यालय का दायित्व है lयदि विश्वविद्यालय द्वारा अपने दायित्वों का सम्यक निर्वहन नही किया जा रहा है तो उसके लिये विश्वविद्यालय प्रशासन उत्तरदायी है, शिक्षक नही l शासन द्वारा भी 15 मई तक परीक्षाओं को पूर्ण करने के निर्देश जारी किया गया है l
र्तमान परिस्थितियों से अवगत होते हुए संगठन की मांग पूर्व के मा कुलपति महोदय/ महोदया द्वारा विश्वविद्यालय की परिक्षाओं का संचालन कराये जाने हेतु 1 कार्य दिवस के बदले 1 प्रतिकर अवकाश दिये जाने का निर्णय लिया था l यह व्यवस्था केवल लखनऊ विश्वविद्यालय में ही नही अपितु प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में लागू है l यदि लखनऊ विश्वविद्यालय इसे देने में अपने को सक्षम नहीं पा रहा है तो, कृपया यू जी सी रेगुलेशन 2018 के अनुसार महाविद्यालयों में 10 सप्ताह का ग्रीष्मावकाश घोषित करने एवं परीक्षाओं का संचालन अवकाश के बाद किये जाने का आदेश जारी करने का कष्ट करे l यह भी अवगत कराना है कि यदि अवकाश अवधि में विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षाओं का संचालन जारी रहा तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसका समस्त उत्तरदायित्व विश्वविद्यालय प्रशासन का होगा l अत: आपसे आग्रह है कि ग्रीष्मावकाश घोषित करने एवं परीक्षाओं का संचालन अवकाश के बाद कराने का आदेश निर्गत करने का कष्ट करे l संघ आपका आभारी रहेगा l

