कोटा/ लखनऊ, वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय में मंगलवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग के प्रोफेसर आरपी सिंह ने शोधार्थियों से बातचीत करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के अनेक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध परंपराओं में से एक है। यह परंपरा वेदों, उपनिषदों, और अन्य प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है, जिसमें जीवन के विभिन्न पहलुओं पर ज्ञान और विचार प्रस्तुत किए गए ।
भारतीय ज्ञान परंपरा ने विश्व को कई महान विचारक और संत दिए हैं जैसे कि महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद और राबर्ट ओपनहाइमर। आज के समय में, भारतीय ज्ञान परंपरा की पुनः खोज और पुनः प्रासंगिकता बढ़ रही है, क्योंकि यह हमें जीवन के उद्देश्य, धर्म, और दर्शन के बारे में ज्ञान प्रदान करती है।प्रो सिंह ने शोधार्थियों की तारीफ करते हुए कहा कि वीएमओयू रिसर्च में अच्छा कार्य कर रहा है। उन्होंने शोधार्थियों को विशेष प्रकार के शोध टिप्स भी दिए।
कुलगुरु प्रो बीएल वर्मा ने प्रो सिंह का स्वागत करते हुए कहा कि वास्तव में हमें अपनी ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए नए-नए शोध और अनुसंधानों को करने की जरूरत है।इस मौके पर पत्रकारिता के हेड प्रो सुबोध, अंग्रेजी विभाग की हेड प्रो क्षमता चौधरी, प्रो अनुराधा दुबे के अलावा शोध छात्र व छात्राएँ मौजूद रहे।
