
- रम्पुटा ने कुलपति प्रोफेसर चन्द्रशेखर के मनमाने एवं नियम विरुद्ध कार्यशैली के संबंध में जानकारी देते हुए आवश्यक करिवाही की मांग की है ।
- रम्पुटा ने CM से निवेदन किया है कि शिक्षक हित में आपसे गुजारिश है कि कृपया विषय विशेषज्ञ तथा वी. सी. नॉमिनी नामित करने में दूरी का भी ध्यान रखा जाए।
- राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय, अलीगढ़ द्वारा कोरोना काल की समाप्ति के तीन वर्ष बाद भी अभी तक सभी पाठ्यक्रमों के सभी विषयों की परीक्षार्य बहुविकल्पीय पैटर्न पर संपादित कराई जा रही हैं।
- धर्म समाज महाविद्यालय अलीगढ़ तथा श्री वाष्र्णेय महाविद्यालय अलीगढ़ में 78 शिक्षकों की हुई प्रोन्नति में लगभग 80% विषय विशेषज्ञ गोरखपुर, लखनऊ तथा बनारस से ही नामित किये गए हैं।
लखनऊ , 11 मार्च campussamachar.com,। राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (रम्पुटा), अलीगढ़ के अध्यक्ष प्रो. हरीश कुमार शर्मा (विधि विभाग) धर्म समाज कॉलेज,अलीगढ़ और महामंत्री डॉ. रनवीर सिंह (रसायन विज्ञान विभाग) श्री वार्ष्णेय कॉलेज, अलीगढ़ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पत्र लिख कर राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय अलीगढ़ (Raja Mahendra Pratap Singh State University, Aligarh ) के कुलपति प्रोफेसर चन्द्रशेखर के मनमाने एवं नियम विरुद्ध कार्यशैली के संबंध में जानकारी देते हुए आवश्यक कार्यवाही की मांग की है ।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा है कि उत्तर प्रदेश शासन के भागीरथी प्रयासों से महान स्वतंत्रता सेनानी,देशभक्त एवं शिक्षा के प्रति समर्पित राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर वर्ष 2021 में अलीगढ़ में राज्य विश्वविद्यालय (Raja Mahendra Pratap Singh State University, Aligarh ) की स्थापना की गई थी। स्थापना काल से ही सरकार की मंशा इस विश्वविद्यालय को एक उत्कृष्ट, विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय के रूप मे विकसित करने की रही है। लेकिन संज्ञान में आता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन (Raja Mahendra Pratap Singh State University, Aligarh ) द्वारा जो भी निर्णय लिए जा रहे हैं , उनसे शिक्षक/छात्र समुदाय में यह धारणा व्याप्त होती जा रही है कि विश्वविद्यालय प्रशासन विधि अनुकूल कार्य नहीं कर रहा है, जो कि लंबे समय में विभिन्न समस्याओं/गलत परंपराओं को जन्म देगा और विश्वविद्यालय की उन्नति में बाधक होगा।
UP teachers News : शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय, अलीगढ (Raja Mahendra Pratap Singh State University, Aligarh ) द्वारा विभिन्न महाविद्यालयों में शिक्षक प्रोन्नति के लिए विषय विशेषज्ञ तथा वी. सी. नॉमिनी कुलपति द्वारा केवल क्षेत्रवाद के आधार पर ही नामित किये जा रहे हैं। अभी हाल ही में धर्म समाज महाविद्यालय अलीगढ़ तथा श्री वाष्र्णेय महाविद्यालय अलीगढ़ में 78 शिक्षकों की हुई प्रोन्नति में लगभग 80% विषय विशेषज्ञ गोरखपुर, लखनऊ तथा बनारस से ही नामित किये गए हैं।
uttar pradesh News Today : पत्र के साथ कुलपति द्वारा निर्गत विषय विशेषज्ञ समिति संबंधी पत्र संलग्न किए गए हैं। अलीगढ़ में केंद्रीय विश्वविद्यालय एवं आसपास कई राज्य विश्वविद्यालय होने के बावजूद भी उनको पूर्णतः कुलपति के द्वारा नजर अंदाज कर दिया गया। दूर दराज के विशेषज्ञ नामित करने से महाविद्यालयों को अतिरिक्त व्यय वहन करना पड़ता है। शिक्षक हित में आपसे गुजारिश है कि कृपया विषय विशेषज्ञ तथा वी. सी. नॉमिनी नामित करने में दूरी का भी ध्यान रखा जाए। इसी प्रकार राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय, अलीगढ़ ( Raja Mahendra Pratap Singh State University, Aligarh ) द्वारा कोरोना काल की समाप्ति के तीन वर्ष बाद भी अभी तक सभी पाठ्यक्रमों के समस्त विषयों की परीक्षार्य बहुविकल्पीय पैटर्न पर संपादित कराई जा रही हैं।
Teachers Politics : सर्वविदित है कि बहुविकल्पीय परीक्षा की व्यवस्था केवल कोरोना काल के दृष्टिगत की गई थी। बहुविकल्पीय की जगह निबंधात्मक परीक्षा के द्वारा छात्रों के विषय ज्ञान का परीक्षण कहीं ज्यादा उपयुक्त विधि है। एक तरफ जहां विश्वविद्यालय कैंपस में संचालित पाठ्यक्रमों के विभिन्न विषयों की परीक्षा (बिना परीक्षा समिति के अनुमोदन के), निबंधात्मक पैटर्न पर संचालित की जा रही है। वहीं विश्वविद्यालय Raja Mahendra Pratap Singh State University, Aligarh ) से सम्बद्ध महाविद्यालयों में बहुविकल्पीय परीक्षा प्रणाली अपनाई जा रही है। जोकि छात्रों के समानता के अधिकार का घोर उल्लंघन है।
इस दोहरी एवं भेदभावपूर्ण परीक्षा प्रणाली का शिक्षक संघ लगातार विरोध करता आ रहा है। परन्तु कुलपति अपनी हठधर्मिता अपनाये हुए हैं। आपसे विनम्र निवेदन है कि पीड़ित शिक्षकों/छात्रों के हित को दृष्टिगत रखते हुए उक्त समस्याओं के शीघ्र ही निराकरण हेतु उचित कार्यवाही करने का कष्ट करें जिससे पीड़ित शिक्षकों/छात्रों को न्याय मिल सके।
