- भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर इतिहास विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित
लखनऊ । पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम्, लखनऊ ( Pt. Deen Dayal Upadhyay Govt. Girl’s P G College Lucknow ) में “भारत छोड़ो आंदोलन” के ऐतिहासिक महत्व एवं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उसके योगदान को स्मरण करते हुए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के इतिहास विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. डॉ. शिवानी श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम की सूत्रधार प्रो. डॉ. प्रीति ने कार्यक्रम का संचालन प्रभावशाली तरीके से किया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने भारत छोड़ो आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके उद्देश्यों, भारतीय जनमानस पर पड़े प्रभाव तथा स्वतंत्रता प्राप्ति की दिशा में उसकी निर्णायक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. प्रीति वाजप्ये ने अपने वक्तव्य में भारत छोड़ो आंदोलन को भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष का एक महत्वपूर्ण जनांदोलन बताते हुए कहा कि इस आंदोलन ने देश के प्रत्येक वर्ग में स्वतंत्रता के प्रति नई चेतना और दृढ़ संकल्प का संचार किया। डॉ. प्रियंका शर्मा ने आंदोलन की ऐतिहासिक परिस्थितियों एवं तत्कालीन राजनीतिक परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न आयामों से परिचित कराया। उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व में प्रारंभ हुए इस आंदोलन के राष्ट्रव्यापी स्वरूप तथा युवाओं, महिलाओं एवं सामान्य नागरिकों की भागीदारी का उल्लेख किया।
Pt. Deen Dayal Upadhyay Govt. Girl’s P G College Lucknow : इसी क्रम में प्रो. डॉ. सुरंगमा यादव ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया तथा विद्यार्थियों को स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष एवं राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. विशाल वर्मा ने भारत छोड़ो आंदोलन के सामाजिक एवं राष्ट्रीय प्रभावों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास नई पीढ़ी में राष्ट्रीय उत्तरदायित्व, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश के प्रति कर्तव्यबोध उत्पन्न करता है।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही। छात्राओं ने भाषण, काव्य-पाठ एवं आशुभाषण (Extempore) के माध्यम से भारत छोड़ो आंदोलन, स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। एम.ए. इतिहास की छात्रा शिवानी रावत ने अत्यंत प्रभावशाली एवं भावपूर्ण प्रस्तुति देकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी प्रस्तुति को उपस्थित प्राध्यापकों एवं छात्राओं ने विशेष रूप से सराहा।
Pt. Deen Dayal Upadhyay Govt. Girl’s P G College Lucknow : आशुभाषण में भी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए विभिन्न ऐतिहासिक एवं राष्ट्रप्रेरक विषयों पर तत्काल अपने विचार अभिव्यक्त किए। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं में भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता एवं रुचि उत्पन्न करने का प्रयास किया गया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. डॉ. शिवानी श्रीवास्तव ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन केवल भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की सामूहिक इच्छाशक्ति, साहस, त्याग एवं स्वाधीनता के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है कि वह स्वतंत्रता के लिए दिए गए असंख्य बलिदानों को स्मरण रखते हुए देश की प्रगति, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. डॉ. प्रियंका शर्मा ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी प्राध्यापकों, राष्ट्रीय सेवा योजना, प्रतिभागी छात्राओं एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं छात्राओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। आयोजन ने छात्राओं को भारत छोड़ो आंदोलन के ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध एवं स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।
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