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लखनऊ। नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर, लखनऊ में दीपावली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में भव्य दीपावली मेले का आयोजन किया गया। मेले का आयोजन रंग दे बसंती संस्था एवं महाविद्यालय की अहिल्याबाई होलकर सांस्कृतिक समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। उत्सव के उल्लास, भारतीय संस्कृति की छटा और छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा से पूरा महाविद्यालय परिसर जगमगा उठा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेत्री अपर्णा यादव उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह तथा संयोगिता सिंह चौहान, अटारी ग्राम प्रधान एवं प्रधान संघ अध्यक्ष (माल) की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय भी उपस्थित रहीं।

नवयुग दीपावली मेले का शुभारंभ अतिथियों द्वारा फीता काटकर किया गया। पारंपरिक भारतीय रीति-रिवाजों के अनुरूप अतिथियों का रोली-चावल से तिलक कर स्वागत किया गया। दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। अतिथियों को पौधे, स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
मेले में महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा खानपान सहित विभिन्न आकर्षक स्टॉल लगाए गए। विशेष आकर्षण दिव्यांग बच्चों द्वारा संचालित आशा ज्योति एवं पायसम,मुबारक पुर की साड़ी के स्टॉल रहे, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और आत्मनिर्भरता का परिचय दिया। विभिन्न स्टॉलों पर खरीदारी और खानपान का आनंद लेते हुए छात्राओं एवं आगंतुकों ने मेले का भरपूर आनंद उठाया।

रंग दे बसंती संस्था की ओर से ओपन माइक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। प्रतिभागियों ने गायन, अभिव्यक्ति और अन्य मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं में सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ओपन माइक प्रतियोगिता के विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि विभा सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का सशक्त माध्यम हैं। हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने और उसे सदैव जीवंत बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने सुंदर भजन की प्रस्तुति दी।

संयोगिता सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान समय उत्सवों को उल्लास के साथ मनाने का है। दीपोत्सव केवल बाहरी प्रकाश का पर्व नहीं, बल्कि यह हमारे भीतर नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करता है। यही आंतरिक ऊर्जा भविष्य में हमारे कार्यों को नई दिशा प्रदान करती है।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने कहा कि भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति में दीपावली मनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इतने वर्षों बाद भी भारतवासी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस पर्व को मनाकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। महाविद्यालय में इस प्रकार के आयोजनों से छात्राओं में भारतीय संस्कारों, सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं के प्रति सम्मान एवं जागरूकता विकसित होती है।
मुख्य अतिथि अपर्णा यादव ने मेले की सराहना करते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। आज हमारी बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता के बल पर पहचान बना रही हैं। ऐसे आयोजन छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं और इन्हें निरंतर आयोजित किया जाना चाहिए।
रंग दे बसंती संस्था के समन्वयक विश्वदीप ने संस्था के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पहल जेन-जी के विचारों, उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने का एक मंच है। इसका उद्देश्य युवाओं के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना तथा भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देना है। रंग दे बसंती संस्था से अविका सिंह चौहान और चंद्र भूषण बारोड ने सहयोग दिया।इस कार्यक्रम में छात्राओं ने स्वदेशी और ईको-फ्रेंडली दीपावली का संदेश देते हुए विभिन्न स्टाल सजाएं।मिट्टी के दीपक हस्त निर्मित तोरण,रंगोली ,घरेलू व्यंजनों से मेला आकर्षण का केंद्र बना रहा। रंग दे बसंती संस्था के सहयोग से युवाओं में रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। यह आयोजन परंपरा पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण का सुंदर संगम सिद्ध हुआ।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की अहिल्याबाई होलकर सांस्कृतिक समिति की समन्वयक प्रो. सीमा सरकार, एवं सदस्य प्रो. सीमा पांडे, डॉ. स्नेहा चौधरी, डॉ. अणिमा अवस्थी, डॉ. रीमा छाबड़ा, डॉ. अपूर्वा अवस्थी, डॉ. क्षितिज शुक्ला, डॉ. सुकन्या तिवारी, डॉ. गरिमा मिश्रा एवं डॉ. किरण पांडे सहित महाविद्यालय की समस्त प्रवक्ताएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। मेले में कृष्णा देवी गर्ल्स कालेज की प्राचार्या सारिका दुबे,एपी सेन कालेज की शिक्षिकाएं, समाज सेवी पुनीता भटनागर, नवयुग इंटर कालेज की प्रधानाचार्या सीमा सिंह उपस्थित रहीं।
दीपावली मेले ने न केवल उत्सव के उल्लास को साझा किया, बल्कि भारतीय संस्कृति, महिला सशक्तीकरण, युवा प्रतिभा और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संदेश भी दिया।
