
खण्डवा.खण्डवा शहर के रामनगर निवासी सौरभ मालवीया ने शिक्षा पूर्ण होने के बाद स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने की सोची। उसमें भी यह आकांक्षा थी कि आम लोगों के स्वास्थ्य या जन सुविधा से संबंधित व्यवसाय को ही प्राथमिकता दी जाये। डिप्लोमा करने के बाद मालवीया ने अपने सपनों को साकार करने की दिशा में सक्रिय हुए। पहले उसने इस संबंध में गंभीरता से अध्ययन किया, फिर शहर में जन अपेक्षाओं और आवश्यकताओं की ओर ध्यान दिया। आधुनिक दौर में बढते प्रदूषण जिसमें प्रमुख रूप से वायु और जल प्रदूषण मुख्य है। मालवीया का ध्यान जल प्रदूषण की ओर गया। जल प्रदूषण के प्रति आम लोगों की जागरूकता भी देखी गई। उसने शहर के लगभग सभी आय वर्ग के लोगों में प्रदूषण मुक्त और मिनरल वाटर का उपयोग बढ़ता देखा। उसने सोचा क्यों न आर ओ वाटर प्लांट ही प्रारंभ किया जाए।
10 लाख रूपए की आवश्यकता थी
मालवीया को इस प्लांट में न्यूनतम 10 लाख रूपए की आवश्यकता थी। व्यवसाय के चयन के बाद पूंजी के कारण थोडी कठिनाई हुई थी, किन्तु इसका भी समाधान उसको मिल गया था। मालवीया को जानकारी मिली की जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के माध्यम से बैंक से ऋण प्राप्त किया जा सकता है। उसने उद्योग केन्द्र कार्यालय में संपर्क किया, यहां पर उसे मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की जानकारी मिली। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, खण्डवा से जानकारी प्राप्त कर मालवीया के द्वारा आवेदन किया गया। उसने आवेदन बैंक ऑफ इंडिया माता चौक, खण्डवा को अग्रेषित किया गया। बैंक ने कार्यालयीन प्रक्रिया के बाद उसे अपेक्षित ऋण प्रदान किया गया।
घर में ही ट्यूब वेल खनन करवाया
प्लांट के लिए प्रारंभ में मालवीया ने घर में ही ट्यूब वेल खनन करवा कर प्लांट की शुरूआत की गई। आर ओ वाटर की अच्छी मांग को देखते हुए उसने प्लांट के लिए और भूमि खरीद ली जिस पर ट्यूब वेल खनन करवाकर प्लांट का विस्तार किया गया। इस व्यवसाय में बढती प्रतिस्पर्धा के बाद भी उसको व्यवसाय में अच्छी आमदनी हो रही है। बैंक किश्ते, कर्मचारियों का वेतन इत्यादि खर्च करने के बाद उसे अपेक्षित आय हो रही है। मालवीया ने बताया कि यह व्यवसाय केवल शहर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि खण्डवा और आस पास के कस्बों में भी विस्तार की पूरी संभावना है।
