लखनऊ . उत्तर प्रदेश राजधानी लखनऊ के महाराजा अग्रसेन विद्यालय इंटर कॉलेज मोती नगर ( Maharaja Agrasen Inter College, Motinagar, Lucknow ) के शिक्षकों को अगस्त माह का वेतन अभी तक भुगतान नहीं हुआ है. यह स्थिति तब है जब 5 सितंबर को शिक्षकों के प्रति सरकारी स्तर पर सम्मान व्यक्त किया गया, लेकिन राजधानी लखनऊ में ही एक विद्यालय के शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर भी वेतन नहीं मिला और इतना ही नहीं 10 दिन बीत जाने के बाद भी वेतन मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं .
वेतन न मिलने का कोई सरकारी आदेश भी जारी नहीं किया है, लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक लखनऊ देवेंद्र पांडेय ने वेतन भुगतान के लिए जरूरी पहल नहीं की है. जानकारी मिली है कि विद्यालय के दो शिक्षकों को प्रमोशन दिए जाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय द्वारा दबाव डाला जा रहा है, जबकि नियमों के मुताबिक दोनों शिक्षकों के प्रमोशन करने में विधिक बाधाएं आ रही हैं . इसलिए पूर्व में प्रधानाचार्य द्वारा दोनों शिक्षकों के प्रमोशन के लिए जारी किए गए पत्र को भी स्थगित कर दिया गया है .
अब वर्तमान में हालात यह है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय प्रधानाचार्य का वेतन छोड़कर अन्य सभी शिक्षकों के वेतन बिल को प्रस्तुत करने के लिए कह रहा है, आखिर क्यों ? जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय प्रधानाचार्य को निशाने पर लिए है क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो प्रधानाचार्य के वेतन के बिना वेतन बिल बनाकर देने के लिए दबाव डालने का क्या औचित्य है ? अगर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय नियमानुसार महाराजा अग्रसेन विद्यालय की शिक्षकों का वेतन रोक रहा है तो नियमानुसार उसे एक आदेश जारी करना चाहिए कि जिला विद्यालय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद व वेतन वितरण अधिनियम के इन नियमों के तहत महाराजा अग्रसेन विद्यालय के शिक्षकों का वेतन रोका जा रहा और अगर बिना नियम के वेतन बाधित किया जा रहा है तो इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का कौन अफसर / क्लर्क जिम्मेदार है ? ये सार्वजानिक होना चाहिए .हालत यह पहुंच गए हैं कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में माध्यमिक शिक्षा परिषद के नियमों की अनदेखी की जा रही है.
माध्यमिक शिक्षक संघ के कई नेताओं ने भी महाराजा अग्रसेन विद्यालय ( Maharaja Agrasen Inter College, Motinagar, Lucknow ) के शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए कहा है कि समय से वेतन बिल पारित किया जाए लेकिन अभी तक किसी प्रकार की सकारात्मक पहल नहीं की गई है. विद्यालय के शिक्षक व प्रधानाचार्य 11 सितम्बर को वेतन भुगतान न होने का कारण जानने के लिए शिक्षा भवन गए थे लेकिन DIOS नहीं मिल पाए. प्रधानाचार्य केके तिवारी का कहना है कि वे खुद यह जानना चाह रहे हैं वेतन किन कारणों से रोका गया है ?
माध्यमिक शिक्षक संघ पांडे गुट के प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने वेतन बिल पारित न होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन विद्यालय के शिक्षकों के वेतन बिल का तत्काल भुगतान किया जाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि वे यह नहीं जान पा रहे हैं कि आखिर किस कारण से जिला विद्यालय निरीक्षक इस विद्यालय के शिक्षकों के वेतन को पारित होने में बाधाएं खड़ी कर रहे हैं . उन्होंने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से भी कहा है कि वे पूरे मामले की तह तक जाकर देखें कि शिक्षकों को इस अपमानजनक स्थिति से क्यों गुजरना पड़ रहा है ? त्रिपाठी ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में अगर वेतन बिल नहीं पारित किया जाता है तो फिर संगठन अपने स्तर से इस मामले को देखेगा.
