
- लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष राकेश यादव एवं महामंत्री डॉ संजय शुक्ला ने लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति को पत्र लिखकर बताई प्रशासन के कामकाज की हकीकत
- कर्मचारी परिषद के नेताओं द्वारा लिखे गए इस पत्र में कहा गया है कि लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद खेद के साथ कुलपति को अवगत कराना चाहता है कि मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा भेजे गए आदेशों पर अमल नहीं हो रहा है .
लखनऊ, 18 सितम्बर , लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष राकेश यादव एवं महामंत्री डॉ संजय शुक्ला ने लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति को उत्तर प्रदेश शासन के आदेश का अनुपालन किए जाने एवं कुलपति के निर्देशों के विपरीत विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कर्मचारी हितों की अनदेखी किए जाने के संबंध में पत्र लिखा है .
कर्मचारी परिषद के नेताओं द्वारा लिखे गए इस पत्र में कहा गया है कि लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद खेद के साथ कुलपति को अवगत कराना चाहता है कि मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 19 अप्रैल 2024 को एक आदेश जारी किया गया था, जो कर्मचारी कर्मचारियों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के संबंध में था इस शासनादेश में शासन द्वारा पूर्व में जारी शासनादेश 24 में 2019 व सम्यक संख्या शासनादेश 27 जुलाई 2021 17 में 22 एवं 16 नवंबर 23 का उल्लेख करते हुए आदेशित किया गया था कि कर्मचारी संगठनों की मांगों समस्याओं के संबंध में नियमित रूप से बैठक का होकर इनका समयबद्ध निराकरण किया जाना चाहिए .
गिनाये शासनादेश
लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद द्वारा कुलपति को क्रमशः दिनांक 11 अगस्त 2023 और 15 अप्रैल 2024 , 19 जून 2024 हम 4 सितंबर 2024 को प्रेषित प्रत्यावेदनों के निस्तारण का अनुरोध किया गया था , जिस पर कुलपति जी ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश भी दिया था , जिसके अनुपालन में विश्वविद्यालय में कर्मचारी समस्याओं के समयबद्ध निराकरण हेतु कार्यालय आदेश दिनांक 15 मार्च 2024 को जारी किया था लेकिन कुलसचिव कार्यालय द्वारा इस पर भी कार्रवाई नहीं की गई है.
कर्मचारी परिषद के नेताओं ने आक्रोश जाहिर करते हुए कहा है कि शासन द्वारा विनियमितीकरण प्रक्रिया पूर्ण करने के संबंध में 19 मई 2025, 14 अगस्त 2025 को 19 जून 2025 को आने के बाद भी प्रशासन उदासीन है . यह भी उल्लेखनीय कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा आउटसोर्सिंग के कार्मिकों का न्यूनतम वेतन कर्मचारी रुपया 25000 रुपए, 22000 रुपए , 20000 प्रस्तावित किया गया है, वही विश्वविद्यालय में नियत वेतन में कार्यरत तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को रुपए 17500 वह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को रुपए 11650 प्रदान किया जा रहा है. जिसको लेकर कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो रहा है .
कर्मचारी परिषद के नेताओं ने कुलपति से अनुरोध किया है कि वह उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुरूप समय सीमा के अंतर्गत कर्मचारी समस्याओं के समाधान किए जाने हेतु संबंधित को निर्देशित करने की कृपा करें, जिससे कर्मचारी विश्वविद्यालय प्रशासन एवं कर्मचारियों का सम्मान बना रहे . कर्मचारी परिषद के नेताओं ने इस पत्र की प्रति लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलसचिव को भी भेजी है.
कर्मचारी परिषद प्रयासरत
उल्लेखनीय लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद कर्मचारियों की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रयासरत है और समय-समय पर कर्मचारियों की समस्याओं से लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत भी कराता रहता है लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण लखनऊ विश्वविद्यालय के कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त होता जा रहा है . और इसी के मद्देनजर कर्मचारी परिषद के नेताओं ने लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर राज्य सरकार द्वारा समय पर प्रेषित पत्रों के अनुसार ही कार्यवाही करने की मांग की गई है .
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