
- प्रोफेसर राय की नियुक्ति आईआईएम कोलकाता में हो गई है और उन्हें अब कार्यभार ग्रहण करने के लिए जाना है
- लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक कुमार राय के कार्यकाल को लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद ने आभार जताया है. कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष राकेश यादव और महामंत्री डॉक्टर संजय शुक्ला ने कहा कि लगभग दो कार्यकाल में कुलपति के रूप में प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने कई सकारात्मक फैसला लिए हैं.
लखनऊ, 27 जुलाई , लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने आज अपना कार्यभार प्रतिकुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना को सौंप दिया . प्रोफेसर राय की नियुक्ति आईआईएम कोलकाता में हो गई है और उन्हें अब कार्यभार ग्रहण करने के लिए जाना है . प्रोफेसर राय ने अपनी नियुक्ति के संबंध में राजभवन को अवगत कराते कि यहां से कार्य मुक्त किए जाने काआग्रह किया था . इसी संदर्भ में राजभवन की ओर से इस आशय का आदेश जारी कर दिया गया है जारी आदेश में कहा गया है कि कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय का चयन आईआईएम कोलकाता के निदेशक पद पर हुआ है . प्रोफेसर राय अब निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के लिए जाएंगे . इसलिए लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रतिकुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना बतौर कुलपति कार्य करेंगी .
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक कुमार राय के कार्यकाल को लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद ने आभार जताया है. कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष राकेश यादव और महामंत्री डॉक्टर संजय शुक्ला ने कहा कि लगभग दो कार्यकाल में कुलपति के रूप में प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने कई सकारात्मक फैसले लिए हैं. प्रोफेसर राय ने कर्मचारियों के हितों में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं इसलिए कर्मचारी परिषद कृतज्ञता ज्ञापित करता है और उनके प्रति आभार जताता है .
शिक्षक संघ ने दी है विदाई
लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर अनित्य गौरव और महामंत्री प्रोफेसर राम मिलन जी पूर्व में ही विदाई समारोह का आयोजन कर कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय को विदाई दे चुके हैं.
नाराजगी भी है
शिक्षक संघ में ही कई ऐसे वरिष्ठ पदाधिकारी भी हैं जिन्होंने कुलपति के कार्यकाल को शिक्षक विरोधी और विश्वविद्यालय विरोधी बताया है . इनमें लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष और कई संकाय प्रतिनिधि भी शामिल है. कई शिक्षकों की तो नाराजगी इतनी अधिक है कि उन्हें विदाई समारोह में भी जाना उचित नहीं लगा. ऐसे शिक्षकों का कहना है कि कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय का कार्यकाल शिक्षकों के उत्पीड़न का कार्यकाल रहा है और उन्होंने अपने कार्यकाल में सिर्फ गिने-चुने शिक्षकों को प्रोत्साहित और पोषित किया है जबकि आम शिक्षकों का कोई भला नहीं हुआ है . प्रमोशन , वेतन विसंगति जैसे कई मामले हैं. बहरहाल अब लखनऊ विश्वविद्यालय की कमान प्रोफेसर मनुका खन्ना को सौंप दी गई है.
कर्मचारी महासंघ ने दी है बधाई
उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ एवं लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद की तरफ से निवर्तमान कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय और वर्तमान कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना को हार्दिक बधाई और अनंत शुभकामनाएं। प्रभु श्री राम आप दोनों की समस्त इच्छाएं पूर्ण करें, जिससे आप लोकहित के निर्णय सदैव लेते रहे।
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