

बुधवारी बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में जैन धर्मावलंबियों द्वारा पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व ,दशलक्षण पर्व अर्थात् जिन शासन का पर्व का आयोजन गुरुवार दिनांक 28 अगस्त 2025 भाद्रपद शुक्ल पंचमी से शनिवार 6 सितंबर 2025 भाद्रपद शुक्ल अनंत चतुर्दशी तक मनाया जा रहा है।
कोरबा, 28 अगस्त , दशलक्षण पर्व का प्रथम धर्म उत्तम क्षमा धर्म है। पर्यूषण पर्व ,जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है । यह पर्व एक आत्म साधना का पर्व है। जो आत्मा की शुद्धि, अहिंसा और संयम का संदेश देता है ।मनुष्य जीवन में यदि हमने अपने आप को ढाल लिया तो जीवन सार्थक एवं उपयोगी बन जाता है। पर्यूषण पर्व मोह, राग, द्वेष से मुक्ति होने का पर्व है। जो आत्मा को पवित्र करें ,शुद्ध व विशुद्ध करें, विकारी भावों को नष्ट करें ,वह पर्यूषण पर्व है। जिस प्रकार वर्षा ऋतु में वृक्षों के ऊपर नए-नए फूल आ जाते हैं उसी प्रकार पर्वों से जीवन में शुद्धता आ जाती है।
बुधवारी बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में जैन धर्मावलंबियों द्वारा पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व ,दशलक्षण पर्व अर्थात् जिन शासन का पर्व का आयोजन गुरुवार दिनांक 28 अगस्त 2025 भाद्रपद शुक्ल पंचमी से शनिवार 6 सितंबर 2025 भाद्रपद शुक्ल अनंत चतुर्दशी तक मनाया जा रहा है। यह दशलक्षण महापर्व संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर 108 श्री विद्यासागर महाराज एवं आचार्य गुरुवर 108 श्री समय सागर जी महाराज एवं आर्यिका रत्न श्री 105आदर्श मति माता जी के मंगल आशीर्वाद से आर्यिका का रत्न श्री 105 अखंडमति माताजी एवं आर्यिका रत्न श्री 105 अभेदमति माताजी के मंगल सानिध्य में मनाया जा रहा है ।जो कि विगत दो माह दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान है।
जैन मिलन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष श्री दिनेश जैन ने बताया कि पर्व के दौरान प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अपना प्यारा पर्यूषण पर्व अत्यंत भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। जिसमें पापों की निर्जरा,कर्मों का क्षय करने आर्यिका रत्न श्री 105 अखंडमति माताजी एवं आर्यिका रत्न श्री 105 अभेदमति माताजी दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं ।जिनके सानिध्य में उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव,उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम त्याग, उत्तम तप, उत्तम आकिंचन एवं उत्तम ब्रह्मचर्य आदि दशधर्मो पर एवं पर्यूषण पर्व की महत्वता पर प्रकाश डालेंगी।

आज के पर्यूषण पर्व के प्रथम दिवस पर उत्तम क्षमा पर संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर श्री 108 विद्यासागर महाराज जी के चित्र का अनावरण किया गया एवं डॉक्टर प्रदीप जैन, आकांक्षा जैन द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया तत्पश्चात् श्री जी का अभिषेक किया गया। उसके बाद बासुपूज भगवान की प्रथम शांति धारा श्री दिनेश जैन एवं पार्श्वनाथ भगवान की द्वितीय शांति धारा अमित जैन छोटू एवं तृतीय शांति धारा भगवान महावीर स्वामी जी की गई।उसके बाद आर्यिका रत्न श्री 105 अखंडिमति माताजी द्वारा उत्तम क्षमा धर्म पर मांगलिक प्रवचन हुआ तत्पश्चात् श्री जी का पूजन आदि किया गया अंत में आर्यिकारत्न श्री 105 अभेदमति माताजी द्वारा तत्वार्थ सूत्र का वाचन कराया गया ।उक्त सभी प्रकार के कार्यक्रम में जैन मिलन समिति के समस्त पदाधिकारीगण एवं जैन समाज की समस्त महिला पुरुष आदि उपस्थित हुए। उक्त आशय की जानकारी पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश जैन ने दी।
