
मंदिर जी की 50वीं स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर शाम को मंदिर में भक्तांबर का पाठ किया गया ।उसके बाद विधान के छठवें दिन 256 अर्घों के साथ उक्त कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कोरबा , 08 जुलाई। जैन मंदिर चौक, बुधवारी बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में जैन मिलन समिति द्वारा अष्टांन्हिका महापर्व के शुभ अवसर पर आयोजित “श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान” का पांचवा दिवस पूर्ण होने के साथ-साथ दिगंबर जैन मंदिर जी का 50 वां स्थापना दिवस का भी कार्यक्रम संपन्न हुआ।
ज्ञात हो श्री दिगंबर जैन मंदिर में श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान को आज 6 दिवस पूर्ण हो चुके हैं। उक्त विधान का कार्यक्रम आर्यिका श्री 105 आदर्शमति माताजी के संघस्थ आर्यिका श्री 105 अखंड मति माताजी, आर्यिका श्री 105 अभेदमति माताजी एवं आर्यिका श्री 105 ध्यानमति माताजी के सानिध्य में किया जा रहा है। जैन मिलन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष श्री दिनेश जैन ने बताया के प्रतिदिन की भांति प्रातः 7:00 बजे से श्री जी का अभिषेक, शांति धारा एवं पूजन के पश्चात् श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान के कार्यक्रम में पांचवें दिन में 128 अर्घों के साथ विधान का कार्यक्रम संपन्न हुआ। एवं मंदिर जी की 50वीं स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर शाम को मंदिर में भक्तांबर का पाठ किया गया ।उसके बाद विधान के छठवें दिन 256 अर्घों के साथ उक्त कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का संचालन दुर्ग से पधारे हुए विधानाचार्य ब्रह्मचारी भैया श्री अंकित जैन द्वारा गीत, संगीत एवं मधुर- मधुर भजनों के साथ-साथ संगीतकार “अंशुल जैन एवं म्यूजिकल ग्रुप “सागर, द्वारा बहुत ही बेहतरीन तरीके से मंत्र मुग्ध होकर श्री जी के भजनों का प्रस्तुतीकरण किया गया। जिसमें सौधर्म इंद्र की सभा में विराजे समस्त इंद्र -इंद्राणियों एवं श्रावकों का इतना मन मोह लिया कि भगवान की भक्ति में भी श्रावक इतने भाव विभोर हो गए की गीत- संगीत द्वारा भजन एवं नाच गाने ,नृत्य आदि से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा ।साथ ही श्रोतागण बहुत ही आनंदित हो गए।
शाम को सभी भक्तों द्वारा श्रीजी की आरती, भजन एवं नृत्य आदि का प्रदर्शन किया गया। जिसमें जैन मिलन समिति के समस्त पदाधिकारी, कार्यकारिणी ,सदस्य एवं अन्य सभी महिलाएं एवं पुरुषगण उपस्थित हुए। उक्त आशय की जानकारी जैन मिलन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश जैन ने दी।
