
बिलासपुर. गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल की प्राथमिकता सूची में शामिल सहयोग समझौते अब मूर्तरूप लेने लगे हैं। विदेशी विश्वविद्यालय, बहुराष्ट्रीय कंपनियां या सरकारी विभाग सभी अब गुरु घासीदास विश्वविद्यालय को अवसर के रूप में देख रहे हैं। कुलपति प्रोफेसर चक्रवाल की दूरदर्शी सोच, सहयोग, सहभागिता, सामांजस्य एवं समन्वय के साथ आगे बढऩे की कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप केन्द्रीय विश्वविद्यालय एमओयू के पथ पर तेजी से अग्रसर है।
अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विद्यापीठ के उद्योग संस्थान संपर्क प्रकोष्ठ (आई.आई.आई.सी.) ने छात्रों में तकनीकी कुशलता बढ़ाने के लिए तीन प्रतिष्ठित कंपनियों भारत संचार निगम लिमिटेड (बी.एस.एन.एल.) बिलासपुर, झाझरिया निमाज़्ण लिमिटेड बिलासपुर एवं जीरोह लैब प्राइवेट लिमिटेड बेंगलुरू के साथ एमओयू किया।
भारत संचार निगम लिमिटेड (बी.एस.एन.एल.) बिलासपुर के सहायक महाप्रबंधक निर्मल खूंटे, झाझरिया निर्माण लिमिटेड बिलासपुर के महाप्रबंधक एबी मैथ्यू ने करार पत्र पर हस्ताक्षर किये एवं ऑटोएप्पस इंजीनियरिंग पुणे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभाकर चौरसिया, जीरोह लैब प्राइवेट लिमिटेड बैंगलोर की सह-संस्थापक और निदेशक सुरभि दास एवं सेल्स विभाग के सह निदेशक सुमुख राव ने ऑनलाइन माध्यम से एमओयू किया।
कुलपति प्रोफेसर चक्रवाल की उपस्थिति में एमओयू हुआ। केन्द्रीय स्थानन प्रकोष्ठ और सॉफ्टवेयर कंपनी इंटरबिज कंसल्टिंग यूएसए, रायपुर के बीच विश्वविद्यालय के सहयोग समझौते पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव प्रो. शैलेन्द्र कुमार एवं रायपुर स्थित कार्यालय से इंटरबिज कंसल्टिंग यूएसए, रायपुर से प्रबंध निदेशक दीपक लिखमानिया ने हस्ताक्षर किये। केन्द्रीय स्थानन प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी प्रो. हरीश कुमार और प्रशिक्षण एवं स्थानन अधिकारी प्रेमनाथ कमलेश भी उपस्थित रहे। सहयोग समझौते में छात्रों को अंतिम सेमेस्टर अथवा ग्रीष्मावकाश के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने में सहायता प्राप्त होगी। उपाधि पूर्ण करने के पश्चात प्लेसमेंट का अवसर मिलेगा।
