
बिलासपुर. गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (Guru Ghassidas Vishwavidayalaya
Koni, Bilaspur, (C.G.) की अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विद्यापीठ के अंतर्गत कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ”इंटरडिस्पिलिनरी स्मार्ट एप्लीकेशंस ऑफ इंटरनेट ऑफ थिंग्स, क्लाउड कंप्यूटिंग एंड डाटा एनालिटिक्स टेकनालॉजिस” विषय पर AICTE द्वारा प्रायोजित एक सप्ताह अटल एपडीपी कार्यक्रम का शुभांरभ 04 अक्टूबर, 2021 को हुआ। यह कार्यक्रम 04 से 08 अक्टूबर, 2021 तक जारी रहेगा। एफ डीपी का आयोजन ऑनलाइन प्लेटफ ार्म गूगल मीट पर किया जा रहा है।
एफ डीपी के मुख्य संरक्षक एवं उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Guru Ghassidas Vishwavidayalaya Koni, Bilaspur, (C.G.) के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने एफ डीपी के आयोजन पर विभाग को बधाई एवं सफ ल आयोजन के लिए शुभकामनाएं प्रदान कीं। आईटी विद्यापीठ निरंतर शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स को वतज़्मान समय की जरूरत बताते हुए कहा कि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विद्यापीठ के विभिन्न विभागों को भारत सरकार के उपक्रम सॉफ्टवेयर टेकनालॉजी ऑफ इंडिया के साथ मिलकर विश्वविद्यालय में शोध कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में सॉफ्टवेयर टेकनालॉजी ऑफ इंडिया के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए प्रयास किये जाना चाहिए।
उद्घाटन कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. रजनीश अग्रवाल निदेशक सॉफ्टवेयर टेकनालॉजी पार्क ऑफ इंडिया, भारत सरकार ने कहा कि वर्तमान जीवनशैली को सरल बनाने में आईओटी का उपयोग हो रहा है। एसी को स्माटज़् वॉच से कंट्रोल करने से लेकर कार द्वारा सही रास्तों का चयन करने में आईओटी डिवाइस का उपयोग किया जा रहा है। सॉफ्टवेयर टेकनालॉजी पाकज़् ऑफ इंडिया द्वारा शोध को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं तथा देश में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है।
Guru Ghassidas Vishwavidayalaya Koni, Bilaspur, (C.G.) के कुलसचिव प्रो. शैलेन्द्र कुमार, फैकेल्टी डेवेलपमेंट प्रोग्राम के अध्यक्ष प्रो. टी.वी. अर्जुनन अधिष्ठाता अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विद्यापीठ ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इससे पूर्व संजयोक डॉ. आलोक कुमार सिंह कुशवाहा विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग ने स्वागत उद्बोधन दिया। उद्घाटन कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन समन्वयक अमित बघेल सहायक प्राध्यापक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग एवं संचालन रक्षा पांडे सहायक प्राध्यापक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग ने किया।
इस कार्यक्रम में देश के 20 राज्यों के 133 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। फैकेल्टी डेवेलपमेंट प्रोग्राम में प्रतिभागियों को इंटरडिस्पलिनरी स्मार्ट एप्लीकेशंस ऑफ इंटरनेट ऑफ थिंग्स, क्लाउड कंप्यूटिंग एंड डाटा एनालिटिक्स टेकनालॉजिस के विभिन्न क्षेत्रों के विषय में जानने का अवसर मिलेगा।
