बिलासपुर , 20 फरवरी , आज गायत्री मंदिर सेमरताल ( Gayatri Mandir semartal bilaspur) में शांति कुंज हरिद्वार से आए अंखड दीप रथ एवं वंदनीया माता जी के जन्म शताब्दी वर्ष मनाएं जाने पर दिव्य ज्योति कलश रथ का आगमन पर ग्राम वासियों ने दर्शन किया। इस शुअवसर पर गायत्री शक्तिपीठ के जिला अध्यक्ष पुज्यनीय दीदी श्रीमती नंदिनी पाटनवार सम्माननीय रामकुमार श्रीवास् जी एवं आए हुए वरिष्ठ सहयोगियों का प्रज्ञा पीठ सेमरताल की ओर से तीलक लगाकर स्वागत किया गया।
Gayatri Mandir semartal| bilaspur| campussamachar : इस सुअवसर पर दीदी श्रीमती नंदिनी पाटनवार ने बाल संस्कारशाला के संबंध में विचार रखते हुए कहा कि शिक्षिका के रूप में आज एक बहुत महत्वपूर्ण विषय आप सभी अभिभावकों से साझा करना चाहती हूं। परिवार में अनुशासन की आदत बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और मजबूत व्यक्तित्व की नींव होती है। अनुशासन की शुरुआत घर की नियमित दिनचर्या से होती है। बच्चों के सोने, उठने, पढ़ाई और खेलने का समय तय करें। जब यह क्रम रोज़ पालन होता है, तो बच्चे स्वयं जिम्मेदारी और समय का महत्व समझने लगते हैं।
परिवार के बड़े स्वयं भी नियमों का पालन करें, क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो वे देखते हैं। बच्चों को प्रेम और धैर्य से समझाएं, छोटी-छोटी जिम्मेदारियां दें और उनके अच्छे व्यवहार की सराहना करें। जब घर में अनुशासन का वातावरण होता है, तो बच्चे जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ते हैं। उपस्थित ग्राम वासियों एवं गायत्री परिवार के सदस्य ओमप्रकाश वर्मा, रामावतार यादव, नरेंद्र विश्वा कर्मा, ओमप्रकाश धीवर, आदित्यनाराण वर्मा, अनिरुद्ध कुमार वर्मा,किरण वर्मा, पुर्णिमा यादव,रश्मी वर्मा, रिखी विश्व कर्मा ने संगोष्ठी कर गायत्री मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
