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- यूपी के राज्य विश्वविद्यालयों में पहला स्थान, दक्षिणी एशिया की रैंकिंग में भी 53 पायदान का सुधार
- -पिछले वर्ष 801–850 के रैंक बैंड में था विश्वविद्यालय, इस बार हासिल की निश्चित रैंक
- -क्यूएस एशिया रैंकिंग में 26 देशों के 1,722 उच्च शिक्षण संस्थानों ने लिया हिस्सा
मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, शोधपरक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाने के प्रयास अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी परिणाम दिखाने लगे हैं। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार और अकादमिक संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू Chaudhary Charan Singh University, Meerut ) ने वैश्विक रैंकिंग में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स एशिया 2027 में विश्वविद्यालय ने 694वां स्थान प्राप्त किया है। पिछले वर्ष 801–850 के रैंक बैंड में शामिल रहे विश्वविद्यालय ने इस बार निश्चित रैंक हासिल करते हुए उल्लेखनीय छलांग लगाई है। खास बात यह है कि रैंकिंग में शामिल उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में सीसीएसयू पहले स्थान पर रहा है।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत हुई स्थिति
इस वर्ष क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 26 देशों और क्षेत्रों के 1,722 उच्च शिक्षण संस्थानों को शामिल किया गया है। इनमें भारत के 325 विश्वविद्यालय शामिल हैं। देश के 34 संस्थानों ने पहली बार इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में जगह बनाई है। रैंकिंग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में करीब 71 प्रतिशत भारतीय विश्वविद्यालयों की स्थिति में गिरावट आई, जबकि 18 प्रतिशत संस्थानों ने सुधार दर्ज किया। ऐसे प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में सीसीएसयू का 694वें स्थान पर पहुंचना विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रगति को दर्शाता है।
11 मानकों पर परखी जाती है गुणवत्ता
क्यूएस एशिया रैंकिंग में विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन 11 प्रमुख संकेतकों के आधार पर किया जाता है। इसमें अकादमिक प्रतिष्ठा को 30 प्रतिशत और नियोक्ता प्रतिष्ठा को 20 प्रतिशत वेटेज दिया जाता है। शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात, अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क और शोध पत्रों पर उद्धरण को 10-10 प्रतिशत वेटेज मिलता है। इसके अलावा शोध पत्रों की संख्या, पीएचडी धारक शिक्षकों का अनुपात तथा अंतरराष्ट्रीय शिक्षकों और विद्यार्थियों से जुड़े संकेतकों को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाता है। इन मानकों के माध्यम से विश्वविद्यालयों की शिक्षण गुणवत्ता, शोध प्रभाव, रोजगारपरकता और वैश्विक सहभागिता का आकलन किया जाता है।
दक्षिणी एशिया की रैंकिंग में 53 पायदान की छलांग
विश्वविद्यालय ( Chaudhary Charan Singh University, Meerut ) के निदेशक शोध प्रो. बीरपाल सिंह ने बताया कि क्यूएस साउदर्न एशिया रैंकिंग 2027 में भी सीसीएसयू ने उल्लेखनीय सुधार किया है। वर्ष 2026 में विश्वविद्यालय ( Chaudhary Charan Singh University, Meerut ) इस रैंकिंग में 254वें स्थान पर था, जबकि इस बार 201वां स्थान हासिल किया है। इस तरह विश्वविद्यालय ने एक वर्ष में 53 पायदान की छलांग लगाई है। उन्होंने बताया कि शोध की गुणवत्ता में सुधार, गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशनों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम रैंकिंग में भी दिखाई दे रहा है।
सामूहिक प्रयासों का परिणाम है उपलब्धि : कुलपति
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि क्यूएस एशिया रैंकिंग में 694वां स्थान हासिल करना विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इसमें शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल रैंकिंग में स्थान हासिल करना नहीं, बल्कि शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट पहचान स्थापित करना है। इसके लिए आधुनिक प्रयोगशालाओं के विकास, गुणवत्तापूर्ण शोध, उद्योग-अकादमिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहभागिता को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। कुलपति ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों और निरंतर सुधार के माध्यम से विश्वविद्यालय ( Chaudhary Charan Singh University, Meerut ) भविष्य में वैश्विक शैक्षणिक मंच पर और बेहतर स्थान हासिल करेगा।
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