सेमरताल . शासकीय कनन्या पूर्व माध्यमिक विघालय सेमरताल में संकुल समन्वयक ओमप्रकाश वर्मा ने बच्चों को छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति के प्रति जागरूक करने के लिए अनोखी मिसाल प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने कार्यालय के पास खाली कक्ष में भोजली बो दिया। जिसमें स्कूल की बालिकाएं लघु अवकाश के समय पानी डालती थी। रोज पूजा के साथ, भोजली के पारंपरिक गीत गाकर भोजली की सेवा करती थी। इससे बच्चों में भोजली पर्व का संपूर्ण व यथार्थ ज्ञान बच्चों को मिला। बच्चों को भोजली के महत्व पर पूरी जानकारी दी गई।
इस महत्वपूर्ण कार्य में प्रधान पाठक शांति तिर्की, शिक्षक प्रदीप मुखर्जी, अनीता बोरकर, सुमन कौशिक, कांति सिगरौल और सहयोगी पद्मावती मरावी का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। राखी के दूसरे दिन लोकगीतों को गाते, भोजली मैंया की जयकारा लगाते हुए भोजली विसर्जन किया गया। बच्चों के लिए हुए इस भोजली पर्व की प्रसंशा ग्रामीणों ने की है। सरपंच धनित्तर सूर्यवंशी एवं छत्तीसगढी कवि व व्याख्याता अनिल कुमार वर्मा ने शिक्षक ओमप्रकाश वर्मा को बधाई दी। शिक्षा विभाग में सेमरताल संकुल में होने वाले नवाचारों की चर्चा है। सचमुच में इस अनोखे आयोजन सभी को रसविभोर कर दिया।
