
बिलासपुरः अंचल के प्रतिष्ठित और नैक द्वारा ‘‘ए‘‘ ग्रेड प्राप्त सी. एम. दुबे स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘‘राष्ट्रीय सेवा योजना‘‘ के द्वारा राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि पं. संजय दुबे, अध्यक्ष शासी निकाय थे। इस अवसर पर दुबे परिवार के सम्मानीय सदस्य अमन दुबे, विशिष्ठ अतिथि के रुप में उपस्थित हुए। इस समारोह की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजय सिंह ने किया।
महाविद्यालय परिसर में एन.एस.एस. के छात्रों ने गांधी जी के प्रिय भजन ‘‘रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम‘‘ का संगीतमय भजन-कीर्तन किया। तत्पश्चात् मुख्य अतिथि पं. संजय दुबे जी के द्वारा गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभांरभ किया।

पं. संजय दुबे जी ने उपस्थित एन.एस.एस. के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहां कि गांधी जी सत्य एवं अहिंसा के पुजारी थे। इसलिए संपूर्ण विश्व में उनके जन्म दिवस को ‘‘विश्व अहिंसा दिवस‘‘ के रुप में मनाया जाता है। वे स्वच्छता को आजादी से अधिक महत्वपूर्ण मानते थे। ‘‘गरीबी उन्मूलन‘‘, नशा उन्मूलन‘‘ जैसे आंदोलनों को वे जीवन पर्यनत चलाये ।हम सब को आजाद भारत का एक समृध्द और मजबूत भारत बनाने के लिए, गांधी जी द्वारा बताए इन मार्गो पर चलने की आवश्यकता है।
इसके पश्चात् उपस्थित सभी अतिथि, प्राध्यापक, कर्मचारी एवं एन.एस.एस. के स्वयं सेवकों के द्वारा महाविद्यालय परिसर में साफ-सफाई की गई। कार्यक्रम को आकर्षक बनाने के लिए एन.एस.एस. के छात्र अंकुर यादव ‘‘गांधी जी‘‘ एवं खिलेश्वर कृषे ‘‘शास्त्री जी‘‘ की झांकी दिखाएं।
इस समारोह का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डाू. पी. एल. चंद्राकर ने किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए किशोर राजपुत (राज्य पुरुष्कार प्राप्त) मो. बाकर, प्रिया मिश्रा, लीलावती, चंद्रप्रकाश आदि सक्रिय रहे।
