

- इस आयोजन को सफल बनाने में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ स्थानीय संगत ने तन,मन,धन से अपना अभूतपूर्व सहयोग प्रदान किया।
भिलाई , 01 जून, campus samachar.com, गुरुद्वा रा श्री गुरु अरजन देवजी हाउसिंग बोर्ड,औद्योगिक क्षेत्र,भिलाई में आज 01 जून 2025 रविवार को गुरु अरजन देव जी के विवाह की स्मृति में व्यापक स्तर पर कीर्तन समागम हुआ।जिसमें भिलाई और दुर्ग के सभी गुरुद्वारों के रागी कीर्तनी जत्थों ने अमृतवाणी परमात्मा की महिमा का वर्णन कर भक्ति रस का प्रवाह कर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।गुरुजी की जीवनी, शहीदी गाथा का भी कीर्तनों,कथाओं से वर्णन किया गया।समापन पर कड़ाह प्रसाद एवं लंगर का वितरण सभी उपस्थित श्रद्धालुओं में किया गया। और अपनी जीवनशैली को गुरूओं के समर्पण भाव और शीतल व्यक्तित्व के अनुसार अपने व्यवहार को ढालकर देश व समाज हित में अपना जीवन समर्पित करने का प्रण लेकर पंचम धर्मगुरु श्री गुरु अरजन देव द्वारा रचित उनकी प्रमुख बाणी सुखमनी साहिब जी के पाठ प्रतिदिन करने का संकल्प भी लिया गया। उनकी मर्मस्पर्शी शहीदी की याद में शोक संतप्त होकर परिवार, देश व समाज में सुख ,शांति व सुरक्षा की कामना व अरदास की गई।
संगत को बताया गया कि शहीदों के सरताज एवं शान्तिपुंज,आध्यात्मिक जगत में सर्वोच्च स्थान प्राप्त गुरु अरजन देव जी ब्रह्मज्ञानी थे।उनका विवाह माता गंगा जी से हुआ था। और उनके पुत्र गुरु हरगोविंद सिंह जी सिख धर्म के छठवें गुरु हुए।गुरुग्रंथ साहिब में सर्वाधिक वाणी उनकी ही थी।गुरु साहेब जी को गर्म तपते तवे पर बिठाकर ऊपर से गर्म रेत डाली गई।परन्तु तपता तवा उनके शीतल स्वभाव के सामने सुखदाई बन गया। तपती रेत ने भी उनकी निष्ठा भंग नहीं की। गुरु जी ने प्रत्येक कष्ट हंसते-हंसते झेलकर यही अरदास की।तेरा भाणा मीठा लागे।हरि नाम पदारथ नानक मांगे।इसी प्रकार संगत को भी परमात्मा का हर एक हुक्म सहर्ष स्वीकार करना चाहिए।किसी भी परिस्थिति में घबराना नहीं चाहिए।
इस अवसर पर समाज के गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री गुरु अरजन देवजी के अध्यक्ष जसवीर सिंग जी के साथ कमेटी के मेम्बरों एवं आम सदस्यों ने शपथ ली और प्रण किया कि जिस तरह हमारे पांचवें गुरु श्री गुरु अरजन देव जी ने अमानवीय यातनाएं सहकर भी अपने देशवासियों के भला ही चाहा।और परमात्मा के हर निर्णय को सहर्ष अंगीकार करने की प्रेरणा ही दी।उसी तरह हम सब एवं हमारा समाज भी उसी तरह सदैव अपने देश,समाज की समस्याओं के लिये हमारा समाज सदैव नये अभियानों एवं सेवाओं के माध्यम से इन सब का निराकरण करने के सहभागी बनकर देशहित में सदैव समर्पित रहेंगे।इस आयोजन को सफल बनाने में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ स्थानीय संगत ने तन,मन,धन से अपना अभूतपूर्व सहयोग प्रदान किया।
