- अम्बेडकर नगर ज़िले के निवासी, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित लब्धप्रतिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. राम उजागिर वर्मा के बड़े पुत्र इंद्रसेन वर्मा एवं पुत्रवधू डॉ. रमा वर्मा ने लहराया परचम
अम्बेडकर नगर . उत्तर प्रदेश से एक बहत ही प्रेरक खबर है | अम्बेडकर नगर ज़िले के निवासी, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. राम उजागिर वर्मा के परिवार के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। राजकीय इंटर कॉलेज में लंबे समय तक प्रवक्ता के पद पर अपनी बेदाग और अनुकरणीय सेवाएँ देने वाले उनके ज्येष्ठ पुत्र इंद्रसेन वर्मा को पदोन्नत कर प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया है। पारिवारिक संस्कारों और शैक्षणिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए इंद्रसेन वर्मा ने यह मुकाम हासिल किया है। उनके प्रधानाचार्य बनने पर शिक्षा जगत, शुभचिंतकों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों में हर्ष की लहर है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!campussamachar.com : पिता, डॉ. राम उजागिर वर्मा को मिले ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार’ की गरिमा को आगे बढ़ाते हुए, श्री इंद्रसेन वर्मा ने हमेशा छात्रों के सर्वांगीण विकास और अनुशासन को प्राथमिकता दी है। इन्द्रसेन वर्मा जी की धर्मपत्नी द्वारा जूनियर हाई स्कूल में शिक्षिका के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में दिया जा रहा बड़ा योगदान समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। एक शिक्षिका के रूप में वे न केवल बच्चों का भविष्य संवार रही हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वहीं दूसरी तरफ़ जनपद बस्ती में मेडिकल ऑफिसर (चिकित्सा अधिकारी) के पद पर तैनात डॉ. रत्नसेन वर्मा जी की धर्मपत्नी डॉ. रमा वर्मा ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डॉ. रमा वर्मा, वर्तमान में महिला चिकित्सालय में चिकित्सा अधिकारी सेवाएं दे रही हैं उन्होंने एक मेडिकल ऑफिसर के रूप में अपनी ड्यूटी निभाने के साथ-साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज, आज़मगढ़ में ऑब्स एंड गायनी में पीजी में प्रवेश प्राप्त किया।
इस दोहरे हर्ष के मौके पर परिवार की पुत्रवधू डॉ. रमा वर्मा की उपलब्धियों की भी क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। दोनों ही विभूतियों ने शिक्षा और समाज में सफलता का परचम लहराकर पूरे परिवार व जनपद का नाम रोशन किया है। इंद्रसेन वर्मा और डॉ. रमा वर्मा की इस सामूहिक सफलता ने न केवल उनके पैतृक क्षेत्र का नाम रोशन किया है, बल्कि शिक्षा, चिकित्सा या उनके संबंधित कार्यक्षेत्र में एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया है। जानकारी के लिए यह भी बताना चाहते हैं कि डॉ. राम उजागिर वर्मा के दूसरे सुपुत्र मित्रसेन वर्मा देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय मानक ब्यूरो, नई दिल्ली के मुख्यालय में वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं और वर्तमान समय में निदेशक के गरिमामयी पद पर देश को अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
Motivational News : विज्ञान के क्षेत्र में देश का मान बढ़ाने वाले मित्रसेन वर्मा जी की धर्मपत्नी भी उच्च शिक्षा जगत से जुड़ी हैं। उन्होंने पीएचडी की डिग्री हासिल की है और वर्तमान में एयर कंडीशनर टेस्टिंग लैब में क्वालिटी मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। वही दूसरी तरफ वर्तमान में लखनऊ के प्रतिष्ठित संस्थान, शिया पीजी कॉलेज के विधि विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डॉ. उग्रसेन वर्मा आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। डॉ. उग्रसेन वर्मा ने अपने छात्र जीवन से ही अकादमिक क्षेत्र में अद्वितीय कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
‘डॉ. चक्रवर्ती गोल्ड मेडल’ हासिल किया
ambedkar nagar news : अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय का सबसे सर्वोच्च, प्रतिष्ठित और दुर्लभ माना जाने वाला ‘डॉ. चक्रवर्ती गोल्ड मेडल’ हासिल किया था। यह मेडल केवल पढ़ाई में अव्वल आने पर नहीं, बल्कि उत्कृष्ट चरित्र, शैक्षणिक योग्यता और बहुमुखी प्रतिभा वाले गिने-चुने विद्यार्थियों को ही दिया जाता है। इस सम्मान को प्राप्त कर उन्होंने साबित किया कि वे केवल एक अच्छे छात्र ही नहीं, बल्कि एक असाधारण व्यक्तित्व के स्वामी भी हैं। विधि (कानून) के क्षेत्र में उनकी गहरी पकड़ और जटिल कानूनी बारीकियों को सहजता से समझाने की कला उन्हें अपने विद्यार्थियों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाती है। बेहद सौम्य, मिलनसार और ओजस्वी व्यक्तित्व के धनी डॉ. उग्रसेन वर्मा अपने पद की गरिमा को एक नई ऊंचाई दे रहे हैं। शिक्षा जगत और प्रबुद्ध जनों का मानना है कि डॉ. उग्रसेन वर्मा ने न केवल अपने माता-पिता और परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि विधि के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से समाज को एक नई दिशा भी दे रहे हैं। डॉ. वर्मा के सबसे छोटे सुपुत्र कृष्ण सेन वर्मा शैक्षणिक सेवाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं।
पिता जी के आदर्शों के साथ-साथ माता जी का असीम त्याग
campussamachar.com : इस अभूतपूर्व ऐतिहासिक सफलता के शिखर पर पहुँचने के बाद पूरे परिवार ने अपनी जड़ों को नहीं भूला है। डॉ. राम उजागिर वर्मा के सभी पुत्रों और पुत्रवधुओं ने अपनी इन समस्त सफलताओं, उच्च पदों और अकादमिक कीर्तिमानों का पूरा श्रेय अपनी पूजनीय माता जी को दिया है। उनका कहना है कि पिता जी के आदर्शों के साथ-साथ माता जी के असीम त्याग, कठोर संघर्ष, ममतामयी संस्कारों और साये जैसी छत्रछाया के बिना इस मुकाम को हासिल कर पाना असंभव था। यह सफलता माता जी के चरणों में एक सादर भेंट है।

campus news : एक ही आंगन से देश को निदेशक, प्रधानाचार्य, यूनिवर्सिटी/कॉलेज असिस्टेंट प्रोफेसर, भारतीय मानक ब्यूरो संस्थान में क्वालिटी मैनेजर, शैक्षणिक अभ्यर्थी, दो-दो सरकारी डॉक्टर और समर्पित शिक्षिका मिलने की इस ऐतिहासिक व विरल उपलब्धि पर अंबेडकरनगर सहित विभिन्न जनपदों के गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों और समाजसेवियों ने डॉ. राम उजागिर वर्मा के पूरे परिवार को इस अभूतपूर्व सफलता और परचम लहराने पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
