- उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन एवं वाधवानी फाउंडेशन का संयुक्त प्रयास
लखनऊ | नवयुग कन्या महाविद्यालय, लखनऊ में छात्राओं के समग्र विकास, डिजिटल सशक्तिकरण और रोजगारपरक क्षमताओं को निखारने के उद्देश्य से वाधवानी फाउंडेशन (SDN) के सहयोग से कौशल विकास कार्यक्रम का सतत एवं प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, लखनऊ के निर्देशानुसार नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) को सफलतापूर्वक पूर्ण कर महाविद्यालय की शिक्षिकाएँ डॉ. सुनीता सिंह एवं डॉ. ऐश्वर्या सिंह प्रमाणित मास्टर ट्रेनर बनीं।

इसी क्रम में, प्राप्त प्रशिक्षण को छात्राओं तक पहुँचाने के लिए 17 अक्टूबर 2026 को महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में बी.ए., बी.एससी. एवं बी.कॉम. अंतिम वर्ष की छात्राओं हेतु प्रथम ओरिएंटेशन सत्र का भव्य आयोजन किया गया। इस सत्र में मास्टर ट्रेनर प्रवक्ताओं ने छात्राओं को कार्यक्रम की रूपरेखा, लॉगिन प्रक्रिया एवं व्यावसायिक उपयोगिता से अवगत कराया। सत्र के प्रमुख आकर्षण रहे:
🔹 फ्लेक्सिबल लर्निंग: नियमित अकादमिक पाठ्यक्रम व आगामी परीक्षाओं के साथ सुगमता से सीखने का अवसर।
🔹 एआई-पावर्ड टूल्स व सॉफ्ट स्किल्स: आधुनिक एआई प्लेटफॉर्म द्वारा संप्रेषण (Communication), व्यक्तित्व विकास और टीम वर्क का व्यावहारिक प्रशिक्षण।
🔹 प्लेसमेंट व इंटरव्यू रेडीनेस: मॉक इंटरव्यू और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के जरिए कॉर्पोरेट जगत के लिए सीधी तैयारी।
(पंजीकरण की अंतिम तिथि: 30 अक्टूबर 2026)

इस पहल को आगे बढ़ाते हुए आज, 28 अक्टूबर 2026 को महाविद्यालय में एक विशेष तकनीकी ओरिएंटेशन सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें वाधवानी फाउंडेशन के प्रतिनिधि श्री रोहित सक्सेना ने सहभागिता की। उन्होंने छात्राओं को 3 माह की अवधि एवं 72 घंटों के इस सघन व्यावहारिक प्रशिक्षण की महत्ता से परिचित कराया। साथ ही, प्रशिक्षण को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए फाउंडेशन के LMS (Learning Management System) पोर्टल पर छात्राओं के बैच निर्माण व ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया भी विधिवत प्रारंभ की गई।

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय ने शासन एवं वाधवानी फाउंडेशन की इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान युग में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि अकादमिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक व तकनीकी दक्षता का समन्वय ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। हमारी छात्राओं में असीम प्रतिभा है; यह निःशुल्क एवं विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वास से परिपूर्ण और स्वावलंबी बनाकर भविष्य की चुनौतियों के लिए सशक्त मंच प्रदान करेगा। उन्होंने सभी छात्राओं को नियमित अध्ययन के साथ इस सुनहरे अवसर का अधिकतम लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया। सत्र में अंतिम वर्ष की छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया और अपनी करियर संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
