लखनऊ | बीएसएनवी पीजी कॉलेज (BSNV PG College- KKV ) लखनऊ के पर्यावरण रसायन विज्ञान और टिकाऊ तकनीक (सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी) के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर छुआ है। कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग के संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं द्वारा सह-विकसित एक अभिनव पेटेंट आवेदन को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय के आधिकारिक जर्नल में आधिकारिक तौर पर प्रकाशित कर दिया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस महत्वपूर्ण शोध का शीर्षक “ग्रीन नैनोकम्पोजिट वॉटर प्यूरिफिकेशन सिस्टम विद इम्मोबिलाइज्ड मल्टीफंक्शनल नैनोपार्टिकल्स” है, जो 23 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक जर्नल में प्रकाशित हुआ। इस तकनीक को विकसित करने वाले कॉलेज के सम्मानित आविष्कारों में डॉ. अभिषेक उपाध्याय, डॉ. गोविंद कृष्ण मिश्रा और श्री सुमित मौलेखी शामिल हैं।
इस अवसर पर वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कॉलेज( BSNV PG College ) के प्राचार्य डॉ. संजय मिश्रा ने कहा, “यह हमारे पूरे कॉलेज परिवार के लिए अत्यधिक गौरव का क्षण है। हमारे रसायन विज्ञान विभाग के संकाय सदस्यों द्वारा किया गया यह शोध न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाता है, बल्कि समाज के सामने मौजूद स्वच्छ पेयजल की गंभीर समस्या का एक व्यावहारिक और पर्यावरण-अनुकूल समाधान भी पेश करता है। कॉलेज प्रशासन ( BSNV PG College ) अपने शिक्षकों और शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर के वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए हर संभव संसाधन और प्रोत्साहन देने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह पेटेंट आने वाले समय में कॉलेज के अन्य विभागों और युवा शोधकर्ताओं को भी नवाचार (Innovation) के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।”
शोध और तकनीक के बारे में:
यह अत्याधुनिक शोध एक ऐसे पर्यावरण-अनुकूल (ग्रीन) नैनोकम्पोजिट-आधारित जल शोधन प्रणाली पर केंद्रित है, जो पानी से हानिकारक प्रदूषकों को पूरी तरह खत्म करने की क्षमता रखता है। यह प्रणाली एडसॉर्प्शन (अधिशोषण), फोटोकैटलिटिक डिग्रेडेशन (प्रकाश उत्प्रेरक क्षरण) और एंटीमाइक्रोबियल (रोगाणुरोधी) क्रियाओं को एक साथ जोड़ती है। इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह नैनोकणों के प्रतिधारण (retention) में सुधार करती है और शोधन माध्यम को बार-बार साफ करके दोबारा उपयोग (Reuse) करने में सक्षम बनाती है। यह सफलता साबित करती है कि बीएसएनवी पीजी कॉलेज ( BSNV PG College ) न केवल उच्च शिक्षा बल्कि वैश्विक पर्यावरण चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और सतत विकास (Sustainability) में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
यह भी पढ़ें – –
