नई दिल्ली . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज (21 अक्टूबर 2026) अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बहुत ही सुंदर और प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया है।( PM Modi shares Sanskrit ‘Subhashitam’) यह श्लोक कृतज्ञता (आभार व्यक्त करने) और निःस्वार्थ परोपकार की भावना का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!श्लोक का अर्थ:
न हि कृतमुपकारं साधवो विस्मरन्ति॥: क्योंकि सज्जन लोग (और प्रकृति के परोपकारी तत्व) किसी के द्वारा किए गए उपकार को कभी नहीं भूलते।
प्रथमवयसि पीतं तोयमल्पं स्मरन्तः: बचपन (शुरुआती उम्र) में मनुष्य द्वारा दिया गया थोड़ा सा पानी याद रखते हुए,
शिरसि निहितभारा नारिकेला नराणाम्: नारियल का पेड़ अपने सिर पर (ऊपर की तरफ) भारी बोझ (नारियल) ढोता है,
ददति जलमनल्पास्वादमाजीवितान्तं: और जीवन भर इंसानों को बहुत ही स्वादिष्ट व मीठा जल (नारियल पानी) देता रहता है,
