- शासकीय प्राथमिक शाला ढौर क्रमांक 2, विकासखंड एवं जिला दुर्ग (छ.ग.) में आयोजन
दुर्ग |शासकीय प्राथमिक शाला ढौर क्रमांक 2, विकासखंड एवं जिला दुर्ग में शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार बैगलेस डे का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास एवं रचनात्मक गतिविधियों के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में एक ही मंच पर चार महत्वपूर्ण विषयों को जोड़ते हुए समग्र शिक्षा एवं संस्कार का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया गया।
- एसीसी जामुल सीमेंट वर्क्स द्वारा ‘स्वच्छता ही सेवा’ प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान
विद्यालय में एसीसी जामुल सीमेंट वर्क्स के प्रबंधक कृष्णा गुमासा जी, आशीवा मिश्रा, राहुल अग्निहोत्री जी, विकास त्रिपाठी के सहयोग से ‘स्वच्छता ही सेवा’ विषय पर चित्रकला एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। बैगलेस डे के अवसर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में इस प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि चित्रकला में खुशी मनहर प्रथम, रूपमती साहू द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर शालिनी टंडन रही।स्लोगन में वैष्णवी सागरवंशी प्रथम,अख्तर रजा द्वितीय एवं रंजीत नवरंगे को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।

विद्यालय प्रबंधन ने यह निर्णय लिया कि स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भाग लेने वाले प्रत्येक छात्र का उत्साहवर्धन आवश्यक है, इसलिए सभी प्रतिभागी छात्रों को सांत्वना पुरस्कार (प्रोत्साहन पुरस्कार) प्रदान कर सम्मानित किया गया। बच्चों ने स्वच्छता, कचरा पृथक्करण और प्लास्टिक मुक्त भारत पर सुंदर चित्र बनाए।
- भारतीय वायु सेना के 94वें स्थापना दिवस पर देशभक्ति का प्रदर्शन
बैगलेस डे की थीम ‘उड़ान’ के तहत भारतीय वायु सेना के 94वें स्थापना दिवस (8 अक्टूबर 1932-2026) को समर्पित किया गया। बच्चों ने वायु सेना की टोपी पहनकर सैल्यूट किया, पेपर प्लेन बनाए और ‘नभः स्पृशं दीप्तम्’ के नारों के साथ वीर जवानों को नमन किया। शिक्षकों ने वायुसेना के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी।

- समाजसेवी महादानी महाराजा श्री अग्रसेन जी की जयंती
इसी क्रम में समाजवाद, सहयोग और त्याग के प्रतीक, समाजसेवी महादानी महाराजा श्री अग्रसेन जी की जयंती मनाई गई। एक छात्र ने महाराजा अग्रसेन जी का रूप धारण कर उनके एक रुपया एक ईंट के सिद्धांत को प्रस्तुत किया। शिक्षकों ने उनके सामाजिक समरसता के संदेश पर प्रकाश डाला।
- पितृ मोक्ष अमावस्या पर पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता
सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या के पावन अवसर पर बच्चों को हमारे पूर्वजों और पितरों द्वारा दिए गए संस्कारों, शिक्षा और मूल्यों से जोड़ने हेतु विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। बच्चों ने अपने दादा-दादी और परिवार से सीखी अच्छी बातों को साझा किया और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

कार्यक्रम में शाला के प्रधान पाठक अनिल कुमार थारवानी एवं शिक्षिका सुश्री धनेश्वरी बंजारे द्वारा बच्चों को बताया गया कि बैगलेस डे का उद्देश्य किताबी बोझ से मुक्त होकर अनुभव से सीखना, स्वच्छता, देशभक्ति, सामाजिक मूल्यों और परिवारिक संस्कारों को एक साथ आत्मसात करना है। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को पुरस्कार वितरित कर प्रोत्साहित करने हेतु सफल आयोजन के लिए एसीसी जामुल सीमेंट वर्क्स प्रबंधन का विद्यालय परिवार ने आभार व्यक्त किया।
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