बिलासपुर , 29 जुलाई , आज शा क पूर्व मा शाला सेमरताल में गुरु पूर्णिमा के सुअवसर पर गुरुओं का सम्मान विद्यार्थियों के द्वारा किया गया। सर्वप्रथम मां सरस्वती की पुजा की गई विद्यार्थियों के द्वारा सरस्वती वंदना की गई. पश्चात उपस्थित गुरु जनो का श्रीफल एवं तिलक लगाकर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों के द्वारा गुरू वंदना गुरु की महिमा पर सुंदर सुंदर गीत सुनाया गया ।प्रधान पाठक शांति तिर्की ने विद्यार्थियों को गुरु के महत्व को बताते हुए कहा कि सबसे पहले हमारे गुरु- माता -पिता होते हैं हमें उनका सम्मान करना चाहिए उनके बताये मार्ग पर चलना चाहिए जिन्होंने हमें चलना सिखाया बोलना सिखाया सब कुछ त्याग कर पढ़ाया लिखाया माता पिता हमेशा यही चाहते हैं कि उनके बच्चे सही राह पर चले । इसी तरह दुसरा गुरु शिक्षक हैं जो आपको ज्ञान देकर ऊंचे शिखर पर ले जाते हैं गुरु चाहे कोई भी हो जो सही राह दिखाए वहीं गुरु हैं।

प्रदीप कुमार मुखर्जी उ व शिक्षक ने विद्यार्थियों को गुरू पुर्णिमा पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु वहीं जो सच्चे मन से अपना समर्पण भाव से देश को समाज को विद्यार्थियों को नवयुवको को सही दिशा दिखाए वहीं सच्चा गुरु हैं।

शैक्षिक समन्वयक ओमप्रकाश वर्मा जी ने विद्यार्थियों को गुरु का महत्व बताते हुए कहा कि बिना गुरु के ज्ञान नहीं मिलता गुरु माता पिता भाई पत्नी कोई भी हो सकते हैं गुरु अनपढ़ भी हो सकतें हैं जो हमें सद्ज्ञान दे वही हमारा गुरु हैं विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए वर्मा जी ने बहुत ही सुंदर गुरु की सम्मान में गीत सुनाकर गुरु पूर्णिमा को शानदार बना दिया।

अंत में विद्यार्थियों को प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अनिता बोरकर, पद्मावती मरावी का सराहनीय योगदान रहा।
