- हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान (HSSF) एवं नैतिक एवं सांस्कृतिक प्रशिक्षण संस्थान (IMCTF), गुरुग्राम
- “एक कदम – स्वस्थ माँ, दिव्य संतान की ओर” विषय पर विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन
गुरुग्राम, 10 जुलाई, हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान (HSSF) एवं नैतिक एवं सांस्कृतिक प्रशिक्षण संस्थान (IMCTF), गुरुग्राम के संयुक्त तत्वावधान में “एक कदम – स्वस्थ माँ, दिव्य संतान की ओर” विषय पर एक प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक विशेष कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को प्रातः 10:00 बजे भवन संख्या 411/3, प्रेम नगर गुरुग्राम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आपको बताए कि इस प्रकार का यह कार्यक्रम गुरुग्राम जिले में प्रथम बार हुआ है। कुल 50-60 , बहने इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुई ,जिसमें से 40 गर्भवती बहने थी जिनका उत्साह देखने लायक था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती मीना जिंदल जी (धर्मपत्नी पवन जिंदल जी, क्षेत्र संघचालक – उत्तर क्षेत्र ) ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि स्वस्थ एवं संस्कारित परिवार ही एक सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने मातृशक्ति की भूमिका को राष्ट्र निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सभी परिवारों से भारतीय जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता डॉ. वीना घोराई (योग एवं नेचुरोपैथी विशेषज्ञ एवं जिला संयोजिका, हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान, गुरुग्राम) ने स्वस्थ गर्भधारण, मातृ स्वास्थ्य, योग, प्राकृतिक जीवनशैली, संतुलित आहार तथा गर्भकालीन संस्कारों पर विस्तृत एवं वैज्ञानिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान सकारात्मक विचार, योग, ध्यान एवं संस्कारवान वातावरण भावी पीढ़ी के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में श्रीमती सुषमा जी एवं श्रीमती लक्ष्मी जी आरती जी की सहभागिता प्रशंसनीय रही। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रांत पालक श्री नरेश शर्मा जी( HSSF) , प्रांत उपाध्यक्ष ( HSSF) श्री नरोत्तम वत्स जी एवं जिला सह संयोजक ( HSSF) श्री अशोक गुप्ता जी , श्री मति अनीता शर्मा जी, गीता यादव जी का भी विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं संयोजन श्रीमती अंजु जोशी, जिला सह-संयोजिका, हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान, गुरुग्राम द्वारा किया गया।
कार्यशाला में उपस्थित माताओं, महिलाओं एवं परिवारों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से स्वास्थ्य, संस्कार एवं पारिवारिक जीवन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्राप्त की। प्रतिभागियों ने इस प्रकार की कार्यशालाओं को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी एवं समय की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि “स्वस्थ माँ, संस्कारित संतान और सशक्त परिवार ही समर्थ समाज एवं समर्थ राष्ट्र का निर्माण करते हैं।”सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनजागरण कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया गया। और कार्यक्रम के अंत में श्रीमती निधि सक्सेना जी महाविद्यालय प्रमुख कार्यक्रम के आयोजक और सभी अतिथियों का धन्यवाद किया ।
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