लखनऊ, 09 जून, एडीएम (नगर पूर्वी) द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक लखनऊ के आवेदन पर विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल ( Vidya Mandir Girls High School Narhi ) के प्रबंधन को विद्यालय का कब्जा दिलाने के आदेश दिया गया है , इस आदेश के बाद अब छात्राओं की पढ़ाई बाधित नहीं होगी . कई दिनों से ये मामला सुर्ख़ियों में था और छात्राएं , टीचर्स, अभिभावक परेशान थे , सब हैरत जता रहे हैं कि ये सब हुआ कैसे ? आखिर इतने पुराने विद्यालय को खाली करने का आदेश कैसे हो गया ?
संयुक्त शिक्षा निदेशक षष्ठ मंडल, लखनऊ डा. प्रदीप कुमार से एडीएम (नगर पूर्वी) पूर्व के आदेश को स्थगित कर पुन: विद्यालय प्रबंधन को कब्जा दिलाने के आदेश जारी किए जाने की सूचना मिलने पर जिला संगठन की ओर से प्रादेशिक उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता डॉ. आर पी मिश्र, महामंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा, जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा, जिलामंत्री महेश चंद्र एवं प्राचार्य शिक्षक समन्वय समिति के संयोजक श्री अनिल कुमार वर्मा तत्काल विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल, नरही पहुंचे।
उसके पश्चात विद्यालय ( Vidya Mandir Girls High School Narhi ) प्रबंधिका संतोष रस्तोगी एसीपी आदि पुलिस अधिकारियों को सूचना देने के पश्चात विद्यालय पहुंची। कुछ समय पश्चात हजरतगंज थाने की पुलिस आई और जब उनसे ताला खुलवाने का अनुरोध किया गया तो उन्होंने प्रबंधिका से कहा कि पहले फोर्स के लिए नियमानुसार निर्धारित शुल्क जमा करिए और उसके बाद जब आदेश होगा तब ताला खुल जाएगा। ताला खुलवाने के लिए काफी जद्दोजहद हुई।
Vidya Mandir Girls High School Narhi प्रबंधिका संतोष रस्तोगी ने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक से वार्ता हुई है उन्होंने कहा है पैसा जमा करा दीजिए। इस पर प्रादेशिक उपाध्यक्ष डॉ. आर.पी. मिश्र ने प्रबंधिका संतोष रस्तोगी एवं पुलिस वालों से कहा कि जब लखनऊ इंटर कॉलेज का ताला खुलवाने के लिए एसीएम के आदेश हो गए थे तो किसी प्रकार के पैसे जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ी थी तथा विद्यालय का ताला पुलिस ने ही खुलवाया था। फिर भी प्रबंधिका संतोष रस्तोगी जिला विद्यालय निरीक्षक से मिलने उनके कार्यालय चली गई।
प्रादेशिक उपाध्यक्ष डॉ. आर.पी मिश्र ने अत्यंत पीड़ा से कहा कि संपूर्ण प्रकरण में विद्यालय प्रशासन की लापरवाही भी रही है क्योंकि जब विद्यालय खाली कराने के एडीएम के आदेश हो गए थे और विद्यालय प्रबंधन का रिकाल आदेश रिजेक्ट हो गया था तो विद्यालय प्रबंधन द्वारा प्रभावी कार्यवाही न किया जाना अत्यंत खेद जनक है।
डॉ मिश्र ने कहा कि बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि विद्यालय की संपत्ति जो माध्यमिक शिक्षा परिषद में बंधक है और इस आधार पर मान्यता मिली है वहां 243 लड़कियां पढ़ रही है तथा शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय संचालित किया जाता है तथा उसका नियंत्रण भी है। बिना सोचे समझे विद्यालय खाली कराए जाने का आदेश दिया आदेश दिया जाना भी बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है।
