- राज्य के 23०० तदर्थ शिक्षकों के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय , मुख्यमंत्री जी करें तत्काल हस्तक्षेप : ओम प्रकाश त्रिपाठी
लखनऊ, 08 जून। प्रदेश के राज्य निधि से सहायता प्राप्त गैर सरकारी माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में पिछले तीस सालों से कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को विभाग एवं कोर्ट के अनेक स्पष्ट आदेशों को अमल में न लाये जाने पर उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने कड़ी आपत्ति की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र सिंह पटेल उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी , महामंत्री आशीष कुमार सिंह एवं संयुक्त मंत्री मिथिलेश कुमार पांडेय ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया में बताया कि सूबे मे लगभग २३०० तदर्थ शिक्षकों को अभी तक नियमित न कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड किया जा रहा है। संगठन अब उसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि इस मामले में शिक्षा विभाग के उच्च शिक्षा अधिकारियों एवं कोर्ट के आदेशों की खुली अवहेलना कर शिक्षक उत्पीड़न किया जा रहा है। इसको लेकर शिक्षकों मे भारी रोष व्याप्त है।शिक्षक नेताओ ने शिक्षा अधिकारियों की इस हठधर्मिता की ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी एवं अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा जी का व्यक्तिगत ध्यान आकृष्ट किया है और इस मामले मे उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर विगत तीस दिसंबर दो हजार के पहले नियुक्त सभी तदर्थ शिक्षकों को नियमित कर प्रदेश के माध्य मिक शिक्षा जगत से तदर्थवाद को हमेशा के लिए समाप्त किये जाने की मांग को दोहराया गया है।
तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण के लिए उ प्र माध्यमिक शिक्षा सेवा अधिनियम २०१६ की धारा ३३- ( छ) के अंतर्गत ७ अगस्त १९९३ से ३० दिसंबर २००० की निर्धारित सीमा अवधि तक नियुक्त सभी को विनियमि त करने का निर्देश प्रदान किया गया है। संगठन यही मांग लंबी अवधि से करता चला आ रहा है।
शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देश मे मात्र अधिनियम मे वर्णित समय एवं निरंतरता को विशेष रूप से ध्यान में रखे जाने की ओर ध्यान दिये जाने को कहा गया है। वेतन भुगतान पर ध्यान न देकर अन्य वर्णित विंदुओ पर परीक्षण करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। शिक्षक नेताओ ने लगातार संगठन की मांग पर जारी स्पष्ट निर्देश के अनुसार ही लभभग तीस तीस सालों से कार्य र त सभी तदर्थ शिक्षकों को नियमित कर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा जगत से तदर्थवाद को हमेशा के लिए खतम किये जाने की संगठन के मांग को शिक्षा विभाग के उच्च शिक्षा अधिका रियों के समक्ष जोरदार दंग से उठाया है।
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