रायपुर / बिलासपुर , 03 जून , छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ के संरक्षक सी के महिलांगे ने ग्रीष्म अवकाश में पूरक परीक्षाएं आयोजित करने के शिक्षा विभाग के इस निर्णय की तीखी आलोचना की है . उन्होंने कहा कि इस समय पूरक परीक्षाओं को आयोजित करने का उचित समय नहीं है , उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग को पूरक परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित करने से पहले शिक्षकों और प्रधान पाठकों से वार्ता करनी चाहिए थी कि क्या पूरक परीक्षाएं आयोजित करने का यह उचित समय है ? लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने एकतरफा आदेश जारी करते हुए पूरक परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित कर दिया है , जबकि ग्रीष्म अवकाश होने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपने माता-पिता के साथ घूमने यह रिश्तेदारी में गए हुए हैं , ऐसे में उन्हें तत्काल लौटकर परीक्षा देना किस प्रकार संभव होगा ? इतना ही नहीं उसे मानसिक रूप से उन्हें परेशान भी होना पड़ेगा .
प्रधान पाठक कल्याण संघ के संरक्षक सी के महिलांगे ने कहा कि छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग लगातार ऐसे फैसले ले रहा है जो शिक्षकों के हितों के अनुकूल नहीं है, बल्कि शिक्षकों को परेशान और हताश करने वाले हैं , उन्होंने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों के हित में फैसले लेकर ही शिक्षा में सकारात्मक और गुणात्मक बदलाव हो सकता है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी न जाने क्यों लगातार ऐसे फैसले ले रहे हैं , जो शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को परेशान करने वाले हैं /
पूरक परीक्षाओं का आयोजन ऐसे ही फसलों का एक हिस्सा है.संरक्षक सी के महिलांगे ने छत्तीसगढ़ शिक्षा मंत्री से निवेदन किया है कि वह ग्रीष्मकालीन मौसम को देखते हुए पूरक परीक्षाओं को वर्तमान समय में टालें और विद्यालय खुलने पर ही पूरक परीक्षाएं आयोजित करने का आदेश देने की कृपा करें. संरक्षक सी के महिलांगे ने कहा छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक संघ लगातार शिक्षकों, प्रधान पाठकों के लिए आवाज उठाता रहा है लेकिन संघ छात्रों और विद्यार्थियों के लिए भी उतनी ही तन्मयता से लगा हुआ है . इसलिए ग्रीष्म अवकाश में पूरक परीक्षाएं आयोजित करने के निर्णय का सख्त विरोध करता है और मांग करता है कि शिक्षा विभाग इस फैसले को तत्काल वापस ले और विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार का मानसिक तनाव होने से बचाए. उनका कहना है कि ग्रीष्मकालीन में अवकाश में पूरक परीक्षा 2026 हेतु आदेश जारी किया गया है , ग्रीष्म अवकाश में अधिकांश बच्चे नाना नानी गांव में घूमने गए हुए हैं इस स्थिति में पूरे बच्चे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे, इसलिए छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ बिलासपुर मांग करता है कि पांचवी आठवीं की पूरक परीक्षा 2026 को स्कूल खोलने के बाद 16 जून 2026 से लिया जावे ताकि बच्चे पूरक परीक्षा में शामिल हो सके . छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ बिलासपुर के द्वारा मांग की जाती है कि बच्चों की यह उचित मांग है कि समय सारणी में आंशिक सुधार करते हुए स्कूल खुलने पर ही परीक्षा लिया जाए ताकि सभी बच्चे शामिल हो सके.
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