लखनऊ, 01 जून , उत्तर प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग में बहुत बड़ा फेरबदल हुआ है . नए फेरबदल में अनिल भूषण चतुर्वेदी निदेशक बेसिक शिक्षा बनाए गए हैं , जबकि बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल को माध्यमिक शिक्षा निदेशक बनाया गया है , दोनों अधिकारियों से तत्काल नवीन तैनाती का कारभार ग्रहण करने के लिए निर्देशित किया गया है, इसमें सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग निदेशालय के अपर निदेशक सुरेंद्र तिवारी को निदेशक के रूप में नियुक्ति तय मानी जा रही थी और उन्हें न केवल शिक्षा विभाग बल्कि शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी भी ‘ सुरेंद्र तिवारी के निदेशक बनने पर सर को बहुत-बहुत बधाई’ … जैसे अनेकों संदेश सोशल मीडिया में तैर रहे हैं , उन्हें बधाई देने वालों का ताता लगा हुआ था और निदेशक की कुर्सी पर तिवारी की ताजपोशी को लेकर सभी आश्वस्त थे.
सोमवार सुबह तक सब कुछ सही था , लेकिन इसी बीच आए एक आदेश ने इस तरह के सभी कयासों और बधाइयों पर विराम लगा दिया. यह आदेश विशेष सचिव के के गुप्ता की ओर से जारी किया गया है. इस आदेश में कहा गया है कि प्रभारी बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल को प्रभारी माध्यमिक शिक्षा निदेशक के रूप में पदस्थ किया जाता है . इसी प्रकार प्रभारी निदेशक वैकल्पिक एवं साक्षरता निदेशालय उत्तर प्रदेश अनिल भूषण चतुर्वेदी को प्रभारी बेसिक शिक्षा निदेशक नियुक्त किया जाता है .

इन दोनों नियुक्तियों को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी , शिक्षक संगठनों और समूचे शिक्षा जगत में अपने-अपने तरह से अर्थ निकाले जा रहे हैं , माध्यमिक शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि अपर शिक्षा निदेशक सुरेंद्र तिवारी से कहां चूक हुई कि वह निदेशक बनते बनते रह गए. माध्यमिक शिक्षक संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है की पिछले दो दिनों से या यूं कहें कि मनोज कुमार द्विवेदी के प्रयागराज निदेशालय स्थानांतरण होने के साथ शुरू हुई तैयारी सोमवार सुबह तक बिल्कुल सही दिशा में चल रही थी और सुरेंद्र तिवारी का निर्देशक बनना भी लगभग औपचारिक घोषणा जैसा था, लेकिन इसके बाद समीकरणों में कुछ इस तरह फेरबदल हुआ कि सुरेंद्र तिवारी अपर शिक्षा निदेशक ही बने रहे और निदेशक पद पर बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल की ताजपोशी हो गई .
उल्लेखनीय की 31 मई को शिक्षा विभाग में व्यापक स्तर पर समूह ख के अधिकारियों के स्थानांतरण हुए हैं. इनमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से लेकर राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य तक शामिल है. कई प्रधानाचार्य को प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक बनाया गया है, जबकि जिला विद्यालय शिक्षक के रूप में पदस्थ रहे कई अधिकारियों को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से भेजा गया है , अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग में नए – नए निदेशक किस रूप में कार्य संस्कृति में बदलाव और योगी सरकार की शैक्षिक योजनाओं को अमल में लेंगे.
