नई दिल्ली , 28 मई , महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर राष्ट्रवादी, और समाज सुधारक स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर (Veer Savarkar) की जयंती 28 मई को मनाई जा रही है। उनका संपूर्ण जीवन साहस, देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति असीम समर्पण का एक अद्वितीय प्रतीक है।वीर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के भगूर गाँव में हुआ था . उन्होंने 1899 में ‘मित्र मेला’ और 1904 में ‘अभिनव भारत सोसाइटी’ की स्थापना की। लंदन में उन्होंने ‘फ्री इंडिया सोसाइटी’ की शुरुआत की।
साहित्यिक योगदान:
Savarkar Jayanti 2026: उन्होंने ‘द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस 1857’ (1857: The First War of Independence) जैसी ऐतिहासिक पुस्तक लिखकर 1857 के विद्रोह को ‘प्रथम स्वतंत्रता संग्राम’ करार दिया। उन्होंने रत्नागिरी में कारावास के दौरान ‘हिंदुत्व: हिंदू कौन है?’ (1923) नामक पुस्तक में हिंदू राष्ट्रवाद की विचारधारा को प्रस्तुत किया। अंडमान की सेलुलर जेल में उन्होंने 10 वर्षों से अधिक समय तक अमानवीय यातनाएं सहीं।
समाज सुधार
उन्होंने रत्नागिरी में अस्पृश्यता के खिलाफ लड़ाई लड़ी, मंदिर प्रवेश आंदोलन चलाए और सभी जातियों के लिए सह-भोज (Community Dining) का आयोजन किया।सावरकर जी के विचार और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आज भी भारत के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं। आज जन्म दिवस के अवसर देश को उनको याद कर रहा है . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें और उनकी देशभक्ति को नमन किया है
