- विद्यार्थियों के हित हमारी प्राथमिकता हैं; सभी मुद्दों का समाधान किया जाएगा: धर्मेंद्र प्रधान
नई दिल्ली , 28 मई ( PIB Delhi ), केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली स्थित केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड- सीबीएसई मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, ( Union Education Minister Shri Dharmendra Pradhan chairs a high-level review meeting at CBSE Headquarters ) जिसमें कक्षा 12 की परीक्षाओं के मूल्यांकन और परिणामोत्तर प्रक्रियाओं से संबंधित मुद्दों की समीक्षा की गई।
Union Education Minister Dharmendra Pradhan : बैठक में विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार; सीबीएसई अध्यक्ष राहुल सिंह; आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामाकोटी; आईआईटी कानपुर के निदेशक; शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के वरिष्ठ अधिकारी; और एसबीआई, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक सहित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे
Union Education Minister Dharmendra Pradhan : बैठक के दौरान, शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रों की समस्याओं का समय पर, पारदर्शी और छात्र-हितैषी तरीके से समाधान सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं। उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और छात्रों एवं अभिभावकों को आश्वासन दिया कि सभी वास्तविक चिंताओं का प्रभावी और शीघ्रता से समाधान किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने छात्र सहायता प्रणालियों को मजबूत करने, मूल्यांकन और निगरानी ढांचे में सुधार करने, सीबीएसई डिजिटल प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने और परीक्षा संबंधी सेवाओं को छात्रों के लिए अधिक सुलभ और कुशल बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए परिणामोत्तर सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की।
शिक्षा मंत्री को जानकारी दी गई कि इस वर्ष कक्षा 12 की परीक्षा में लगभग 18 लाख छात्र शामिल हुए, जिनमें लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और लगभग 40 करोड़ स्कैन किए गए पृष्ठ शामिल हैं। अब तक, लगभग चार लाख छात्रों ने पोर्टल के माध्यम से लगभग 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुंच प्राप्त की है।
छात्रों के हितों को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए, श्री प्रधान ने किसी भी प्रकार की चूक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया और कहा कि सिस्टम के भीतर या बाहर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने परीक्षाोत्तर सेवा पोर्टल पर लॉगिन संबंधी समस्याओं, सर्वर पर अत्यधिक भार और भुगतान संबंधी कठिनाइयों से संबंधित रिपोर्टों का भी संज्ञान लिया।
आईआईटी मद्रास के प्रोफेसरों और डिजिटल सिस्टम विशेषज्ञों वाली एक विशेषज्ञ तकनीकी टीम को पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता, लॉगिन प्रबंधन और भुगतान गेटवे एकीकरण की समीक्षा करने का कार्य सौंपा गया है ताकि छात्रों को निर्बाध और सुचारु सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। शिक्षा मंत्रालय स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।
