लखनऊ 21 अप्रैल ’नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लोकसभा में विपक्ष द्वारा पारित नहीं होने देने के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ ऐतिहासिक जनाक्रोश का साक्षी बना, जब महिला अधिकार के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रूण सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह और सहयोगी दलों के नेताओं सुभासपा से ओम प्रकाश राजभर, अपना दल (एस), सेआशीष पटेल, लोकदल से अनिल कुमार सहित प्रदेश सरकार की मंत्री श्रीमती बेबीरानी मौर्य, श्रीमती गुलाब देवी, श्रीमती रजनी तिवारी, श्रीमती प्रतिभा शुक्ला, श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम, महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती गीता शाक्य, विधायक श्रीमती जय देवी, श्रीमती अदिति सिंह, आशा मौर्य, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बबिता चौहान, उपाध्यक्ष श्रीमती अर्पणा यादव, श्रीमती चारू चौधरी, राज्य महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष श्रीमती कमलावती सिंह के साथ मंत्रिमंडल के सदस्यों तथा भाजपा की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ अग्रिम पंक्ति में चल रहे थे। उनके नेतृत्व में हजारों महिलाओं का हुजूम मुख्यमंत्री आवास से सिविल हॉस्पिटल होते हुए विधान भवन तक उमड़ पड़ा।

इस जनाक्रोश पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पूरा मंत्रिमंडल सड़क पर उतरा दिखाई दिया। यह कोई साधारण पदयात्रा या रैली नहीं थी, यह नारी सम्मान और उसके संवैधानिक अधिकारों पर हुए हमले का सीधा और बेहद तीखा जवाब था। इसके साथ ही प्रदेश महामंत्री संजय राय, श्रीमती प्रियंका रावत, पूर्व सांसद श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी, क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, विधायक राजेश्वर सिंह, ओपी श्रीवास्तव, डा. नीरज बोरा तथा योगेश शुक्ला भी उपस्थित रहे।
पूर्वाह्न लगभग 10 बजे मुख्यमंत्री आवास से प्रारंभ हुई इस पदयात्रा के समय भी चुभने वाली तेज धूप थी, लेकिन महिलाओं का आक्रोश उससे कहीं अधिक धधक रहा था। हाथों में विपक्ष की कुत्सित राजनीति की निंदा करते हुए स्लोगन लिखी हुईं तख्तियां और ‘बहन- बेटियों का अपमान-नहीं सहेगा हिन्दुस्तान, महिला अधिकारों पर वार-सपा-कांग्रेस जिम्मेदार, कांग्रेस का हाथ-नारी शक्ति के खिलाफ, नारी के सम्मान में-एनडीए मैदान में’ जैसे गूंजते नारों के साथ यह पदयात्रा विपक्ष की कायरता और राजनीतिक स्वार्थ को बेनकाब करती हुई आगे बढ़ी। हर कदम पर महिलाओं का हुजूम साफ संदेश दे रहा था- आधी आबादी के सम्मान और अधिकारों पर कोई समझौता नहीं, कोई चुप्पी नहीं, कोई माफी नहीं।

जनाक्रोश पदयात्रा में हजारों महिलाओं की सहभागिता ने साबित किया कि आधी आबादी इस मुद्दे पर खामोश नहीं रहेगी। राजधानी लखनऊ के लिए यह एक अभूतपूर्व दृश्य था। रैली के दौरान पूरे मार्ग पर अनुशासन और उत्साह का अद्वितीय संगम देखने को मिला। युवा, वृद्ध, छात्राएं और कामकाजी महिलाएं, हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक सामाजिक आधार प्रदान किया। जगह-जगह आम जनता ने भी तालियों और नारों के साथ इस पदयात्रा का समर्थन व स्वागत किया। महिलाओं ने सपा और कांग्रेस के विरुद्ध नारेबाजी की और विपक्ष की महिला-विरोधी मानसिकता को खुलकर चुनौती दी।
विधान भवन के सामने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को विधानसभाओं एवं लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, किंतु कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके सहित इंडी गठबंधन के दलों द्वारा इसे बाधित करने का प्रयास उनके अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी चेहरे को उजागर करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इन दलों को अपनी नकारात्मक छवि सुधारने का अवसर दिया गया था, किंतु इन्होंने उसका दुरुपयोग करते हुए महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी अन्याय के विरोध में देशभर में आधी आबादी सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक ढंग से अपना आक्रोश प्रकट कर रही है। लखनऊ में प्रचंड गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में मातृशक्ति की सहभागिता प्रधानमंत्री मोदी जी की नीतियों के प्रति व्यापक जनसमर्थन और आशीर्वाद का प्रतीक है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश का एक-एक नागरिक आधी आबादी की इस न्यायोचित मांग के साथ मजबूती से खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश ने व्यापक परिवर्तन देखा है, जिसमें ‘महिला, गरीब, युवा और किसान’ इन चार जातियों को केंद्र में रखकर नीतियों का निर्माण किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप देश ने विकास और आत्मनिर्भरता के नए मानक स्थापित किए हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना सहित अनेक योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। स्वच्छ भारत मिशन केवल स्वच्छता का अभियान नहीं, बल्कि नारी गरिमा की रक्षा का सशक्त माध्यम है, वहीं उज्ज्वला योजना केवल ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और स्वावलंबन को सुदृढ़ करने का माध्यम है।
केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं केवल लाभ वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि परिवारों को स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर करने का सशक्त आधार बन रही हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, घरौनी वितरण जैसे प्रयासों ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी आर्थिक सशक्तीकरण से जोड़ने का कार्य किया है। डबल इंजन की सरकार लगातार कार्य कर रही है, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के दल हर योजना का विरोध करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने वाला है और यह व्यवस्था वर्ष 2029 तक लागू हो जाए, इसको लेकर प्रधानमंत्री जी और गृह मंत्री जी ने सभी को आश्वस्त भी किया, इसके बावजूद इन विपक्षी दलों का जो आचरण रहा है, वह नारी गरिमा के प्रतिकूल रहा है। इसी कारण आज देशभर की महिलाएं इन दलों के विरोध में एकजुट होकर आंदोलन कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘डबल इंजन’ सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना तथा युवा संबंधी अन्य योजनाएं इस दिशा में प्रभावी माध्यम बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने आक्रोश पदयात्रा में बड़ी संख्या में सहभागिता के लिए सभी महिलाओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने राजधानी लखनऊ में आयोजित जनाक्रोश महिला पदयात्रा के समापन अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि नारी का उत्थान और सम्मान ही भाजपा और एनडीए की पहचान है, जबकि विपक्षी दलों ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों को कुचलने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’ के भाव के साथ महिला सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। महिला आरक्षण का उद्देश्य देश की आधी आबादी को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित कर उन्हें नीति निर्माण में सशक्त भूमिका देना था। लेकिन सपा-कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस ऐतिहासिक पहल को बाधित कर महिलाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष का रवैया हमेशा “अटकाने, भटकाने और लटकाने” का रहा है। जब-जब महिलाओं को सशक्त करने की बात आई, तब-तब इन दलों ने अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारवाद से ग्रसित दल नहीं चाहते कि सामान्य परिवारों की महिलाएं आगे बढ़ें, क्योंकि इससे उनकी राजनीतिक जड़ें हिलती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि महिला आरक्षण लागू होता तो समाज के हर वर्ग, विशेषकर सामान्य और वंचित वर्ग की महिलाओं को राजनीति में आगे आने का अवसर मिलता। इससे लोकतंत्र और अधिक मजबूत होता और सामाजिक रूढ़ियों को समाप्त करने में मदद मिलती।

तीन तलाक कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया, तब भी सपा और कांग्रेस ने इसका विरोध किया। इससे स्पष्ट है कि विपक्ष को महिलाओं के हितों से कोई सरोकार नहीं, बल्कि वह केवल तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की उज्ज्वला योजना, जन-धन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान सहित अनेक योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। यही कारण है कि आज देश की आधी आबादी भाजपा और एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और बेटियों से आह्वान किया कि वे विपक्ष के महिला विरोधी चेहरे को उजागर करें और समाज में जागरूकता फैलाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश की महिलाएं अपने सम्मान और अधिकारों के खिलाफ खड़े होने वालों को आगामी चुनावों में लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देंगी।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि 17 अप्रैल के दिन देशभर की महिलाओं के मन में एक आकांक्षा थी कि आज जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर निर्णय होगा, तो वह हमारे पक्ष में होगा। वे उत्सव मनाएंगी, खुशियां मनाएंगी और यह दिन देश के इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। लेकिन कांग्रेस व सपा ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन का विरोध किया और उसके विरुद्ध मतदान किया। उन्होंने सिर्फ विरोध ही नहीं किया, बल्कि नारी अधिकारों का हनन करने के बाद तालियां भी बजाईं और खुशियां भी जाहिर कीं। यह कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है। उसी के कारण पूरे देश में जन आक्रोश है। इसीलिए इतनी बड़ी संख्या में आप लोग यहां एकत्र हुए हैं, यह बताने के लिए कि सपा व कांग्रेस को हम कभी माफ नहीं करेंगे।
उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी का सूपड़ा साफ होना है। 2027 में बिना महिलाओं के कोई चुनाव जीत सकता है क्या? अगर महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया गया, तो सपा-कांग्रेस को आने वाले चुनाव में कोई वोट नहीं मिलेगा। इसके लिए तैयार हो जाइए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा है कि हम हिम्मत नहीं हारे हैं। हम महिलाओं को आरक्षण दिलाकर रहेंगे। इसी संकल्प के साथ हमें यहां से जन आक्रोश मार्च पर निकालना है।

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि आज प्रदेश की महिला शक्ति आक्रोश में है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की दुरभि संधि और संकीर्ण मानसिकता के कारण नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संसद में रोकने का काम किया गया है। आज उत्तर प्रदेश की आक्रोशित बहनें सड़क पर निकलकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के षडयंत्र के विरोध में आक्रोशित हैं। इन पार्टियों को आने वाले चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। हम सब अच्छी तरह जानते हैं कि समाजवादी पार्टी की सरकार जब-जब प्रदेश में होती है, गुंडे-बदमाश खुलेआम बहन-बेटियों को परेशान करने का काम करते हैं। इसीलिए नारे लगते हैं, ‘देख सपाई-बिटिया घबराई‘। वक्त है कि सब एकजुट होकर सपा व कांग्रेस को महिला शक्ति का अहसास कराएं। मां दुर्गा, मां काली, मां सरस्वती बनकर विपक्षियों को सबक सिखाएं।
प्रदेश सरकार की मंत्री श्रीमती गुलाब देवी ने कहा कि सपा और कांग्रेस की सोच मेढक जैसी है। ये सब अगर कूदेंगे तो नाले में ही गिरेंगे। विपक्ष की मानसिकता को महिलाएं पहचान लें। विधेयक गिराए जाने से देशभर में महिलाएं आक्रोश में हैं, ये आक्रोश पंचायत, विधानसभा और लोकसभा तक दिखना चाहिए। महिलाओं को अपनी लड़ाई जारी रखनी होगी। 2027 और 2029 में फिर भाजपा की सरकारें बनानी होगी। प्रदेश सरकार की मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने कहा कि विधेयक को गिराने के वक्त संसद में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, सपा सांसद डिम्पल यादव भी बैठी थीं। विपक्ष की महिला सांसदों ने टेबल थपथपा कर खुशी जाहिर की थी, जबकि उन्हें दुखी होना चाहिए था। उन्होंने महिलाओं से अपने अपमान का बदला लेने को कहा।
