“वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने पर 15 फीट कैनवस पर हुआ विशेष चित्रांकन।
लखनऊ,15 मार्च , राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने ( Vande Mataram 150 years) के उपलक्ष्य में रवींद्रालय, चारबाग में आयोजित लखनऊ बुक फेयर के अंतर्गत रविवार, 15 मार्च 2026 को एक विशेष चित्रांकन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलाकार एवं कला समीक्षक भूपेंद्र कुमार अस्थाना के संयोजन में नगर के 11 युवा कलाकारों की टीम ने प्रातः 11 बजे से शाम 6 बजे तक 3×15 फीट लंबे कैनवस पर सामूहिक रूप से एक भव्य पेंटिंग का निर्माण किया।

कार्यशाला की शुरुआत मुख्य अतिथि नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया के प्रोग्राम ऑफिसर (लखनऊ ब्रांच) नरेंद्र सिंह (सेना सेवा निवृत्त) द्वारा कलाकारों को कला सामग्री किट प्रदान करने तथा उनके प्रेरक संबोधन के साथ हुई। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है और यह गीत देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रप्रेम की भावना को सुदृढ़ करता है। इस अवसर पर मनोज चंदेल, भूपेंद्र कुमार अस्थाना, रवि अग्रहरि, आकर्ष चंदेल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Vande Mataram 150 years: ज्ञातव्य हो कि देश के महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ Vande Mataram 150 years: भारत का राष्ट्रीय गीत है, जो संस्कृत और बांग्ला मिश्रित भाषा में लिखा गया है। यह गीत 7 नवंबर 1875 को लिखा गया था और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रभक्ति का प्रमुख प्रेरणास्रोत बना।

भूपेंद्र अस्थाना ने बताया कि इस पेंटिंग में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजादी तक के महान स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र, देश की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासतों तथा भारत माता के प्रतीकात्मक रूपों और मोटिफ को समाहित करते हुए चित्र सृजन किया गया। इस चित्रांकन के माध्यम से कलाकारों ने ‘वंदे मातरम्’ की भावना, राष्ट्रप्रेम और भारतीय सांस्कृतिक चेतना को रंगों और रेखाओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

Vande Mataram 150 years: कलाकार दल में भूपेंद्र कुमार अस्थाना, अश्वनी कुमार प्रजापति, गौरांग अग्रवाल, सिद्धार्थ देव, कपिल शर्मा, शिवा वर्मा, विश्वास मिश्रा, श्रेया गोस्वामी, संध्या विश्वकर्मा, नेहा तथा वर्षा शर्मा शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी कलाकारों को रंगमंच, रेडियो, टेलीविजन एवं फिल्म अभिनेता अनिल रस्तोगी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
