
- मैहर की साधना भूमि पर कांग्रेस नेताओं ने अर्पित की पुष्पांजलि
मैहर, 08 अक्तूबर ,पद्मभूषण से अलंकृत महान संगीत साधक उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ साहब (Ustad Alauddin Khan ) की जन्मजयंती के अवसर पर भावपूर्ण आयोजन किया गया। कांग्रेस के तत्वावधान में जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश घई की अगुवाई में कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने अलाउद्दीन तिराहा स्थित बाबा (Ustad Alauddin Khan ) की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ न केवल मैहर बल्कि भारत की गौरवशाली संगीत परंपरा के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को विश्व मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई और मैहर को संगीत की तपोभूमि के रूप में स्थापित किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश घई ने कहा कि बाबा अलाउद्दीन ख़ाँ की साधना, अनुशासन और त्याग की परंपरा आज भी हमारे समाज के लिए प्रेरणा है।मैहर की पहचान संगीत, संस्कृति और साधना से है इसे किसी भी राजनीतिक या व्यावसायिक रूप में परिवर्तित नहीं किया जा सकता। साथ ही हम यह भी माँग करते हैं कि बाबा उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ साहब को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न मरणोपरांत प्रदान किया जाए ताकि उनके योगदान की गरिमा और उनके स्तर का सम्मान राष्ट्र स्तर पर स्थापित हो सके।
कांग्रेस के मनीष पटेल ने कहा कि उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ (Ustad Alauddin Khan ) ने संगीत को ईश्वर-उपासना का माध्यम माना। आज जब मैहर की सांस्कृतिक पहचान को भ्रमित करने के प्रयास हो रहे हैं, ऐसे समय में हमें बाबा की साधना से प्रेरणा लेकर अपनी जड़ों की रक्षा करनी चाहिए। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने कहा कि मैहर की आत्मा बाबा अलाउद्दीन और माँ शारदा हैं। यहाँ की हर गली, हर स्वर, हर ताल में उनकी साधना की गूंज सुनाई देती है। यह हमारा सौभाग्य है कि हम उसी धरती के वासी हैं जिसने भारत को इतने महान संगीतज्ञ दिए।
जिला सेवा दल अध्यक्ष अरुण तनय मिश्रा ने कहा कि उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ (Ustad Alauddin Khan ) न केवल एक कलाकार थे, बल्कि एक तपस्वी थे जिन्होंने संगीत को साधना का रूप दिया। आज जब भौतिकता और व्यावसायिकता का दौर है, बाबा की आत्मा हमें यह संदेश देती है कि सच्चा संगीत आत्मा की आवाज़ है। मैहर की यह भूमि केवल भक्ति की नहीं बल्कि संस्कृति और आत्मानुशासन की भी प्रतीक है।
कार्यक्रम के अंत में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ (Ustad Alauddin Khan ) की जन्मस्थली और संगीत विद्यालय को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए तथा राज्य सरकार उनके नाम से ‘संगीत साधना सम्मान प्रारंभ करे ताकि नई पीढ़ी भारतीय शास्त्रीय संगीत से जुड़ सके। बाबा अलाउद्दीन ख़ाँ (Ustad Alauddin Khan ) ने जो राग गढ़े, वे सिर्फ सुरों की साधना नहीं थे बल्कि आत्मा की भाषा थे मैहर आज भी उसी सुर में सांस लेता है।
इस अवसर पर मैहर के मशहूर सरोज वादक हिमांशु सैनी पूर्व विधानसभा प्रत्याशी एवं कांग्रेस नेता मनीष पटेल, मैहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी, जिला सेवा दल अध्यक्ष अरुण तनय मिश्रा, पूर्व पार्षद रमेश प्रजापति, युवा कांग्रेस नेता पंकज कुशवाहा, राजमणि पटेल, दुर्गेश पटेल, बाबा के परिवार से जुड़े नसीम भाई साबिर भाई, नरेंद्र कुशवाहा वरिष्ठ कांग्रेस जन, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
