

- ncc के कैडेट्स के साथ साथ छात्र छात्राओं ने भी अपने विचार रखे.
लखनऊ, 02 अक्तूबर , गांधी जयंती के अवसर पर बीएसएनवी पीजी कॉलेज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम प्राचार्य प्रोफेसर संजय मिश्रा जी द्वारा माल्यार्पण किया गया तत्पश्चात गांधी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर उन्होंने अपने विचार रखें गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को भगवान माना सत्य के बल पर आजादी की लड़ाई में आगे बढ़े और अंग्रेजों को देश से बाहर किया .
इसी विचार क्रम में प्रोफेसर अनिल कुमार पांडे जी ने गांधी जी के विचारों को समाज में आज और ज्यादा आत्मसात करने की जरूरत पर बल दिया, जब पूरा विश्व युद्ध की विभीषिका से जूझ रहा है I गांधी शब्द नहीं विचार है I गांधी जी कहां करते थे कि गांधी मर सकता है लेकिन गांधी वाद नहीं इसलिए पूरे विश्व को गांधी को समझने की जरूरत है I आगे की कड़ी में प्रणव कुमार मिश्र ने अपने विचारों को व्यक्त किया और बताया कि धारा जब-जब विकल होती है और मुसीबत का समय आता है तो किसी भी रूप में कोई महामानव चला आता है .
गांधीजी ने अहिंसा और करुणा सर्वोदय सादा जीवन उच्च विचार स्वदेशी और आत्मनिर्भरता मातृभाषा के अनुराग स्त्री पुरुष के बीच में समानता यह उनके चिंतन के केंद्रीय भाव में था . कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक गण महाविद्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे . एनसीसी के कैडेट्स के साथ साथ छात्र छात्राओं ने भी अपने विचार रखें
