

- इंजिनियर लक्ष्मी कुमार गहवई एवं अनिल वर्मा ने उपस्थित स्वजातियों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ बघेल महान शिक्षाविद, राष्ट्रभक,चिकित्सक, राजनीतिक, समाजसेवी और साहित्यकार थे।
- जयंती पर्व पर चेतना मंच व हरिहर जोन के सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
बिलासपुर , 20 जुलाई , छत्तीसगढ़ कूर्मि क्षत्रिय चेतना मंच के पदाधिकारियों ने नूतन चौक बिलासपुर में स्थापित डॉ खूबचंद बघेल की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। उनकी 125वीं जयंती के अवसर पर समाज के पूर्व प्रांताध्यक्ष इंजिनियर लक्ष्मी कुमार गहवई, बी आर कौशिक, संस्थापक सदस्य राजेन्द्र चंद्राकर के मार्गदर्शन में कूर्मि क्षत्रिय चेतना मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप कौशिक, उपाध्यक्ष विश्वनाथ कश्यप,महासचिव अनिल वर्मा, कोषाध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद चंद्राकर, सचिव देवनारायण कश्यप, महिला प्रांताध्यक्ष डॉ शारदा कश्यप, नंदिनी पाटनवार, माया कश्यप, सुखनंदन कौशिक, राजेन्द्र वर्मा ने डॉ. खूबचंद बघेल की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया।

इंजिनियर लक्ष्मी कुमार गहवई एवं अनिल वर्मा ने उपस्थित स्वजातियों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ बघेल महान शिक्षाविद, राष्ट्रभक,चिकित्सक, राजनीतिक, समाजसेवी और साहित्यकार थे। वे छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्नद्रष्टा थे। छत्तीसगढ़ की माटी से उन्हें गहरा लगाव था। वे छुआछूत और असमानता के विरोधी थे। महात्मा गांधी के पदचिन्हों पर चलकर असहयोग आंदोलन में भाग लिया। जेल भी गए। छत्तीसगढ़ में डा. खूबचंद बघेल को जो सम्मान दिया जाना था वह अभी बाकी है।

डॉ शारदा कश्यप ने कहा कि डॉ बघेल उनके पिताजी स्व. रामाधार कश्यप से मिलने घर आया करते थे। वे दूरदृष्टा थे। आज छत्तीसगढ़ जिस गति से विकास कर रहा है, यह उनकी ही देन है। जयंती कार्यक्रम को हरिहर जोन के संरक्षक अनिल टाह, डॉ एल सी मढरिया, भुवन वर्मा ने भी संबोधित किया। जयंती पर्व पर चेतना मंच व हरिहर जोन के सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
