

- राजधानी लखनऊ में यह कार्यक्रम कर्मचारी नेता स्वर्गीय बीएन सिंह की प्रतिमा स्थल पर आयोजित किया गया जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी शिक्षक पेंशनर्स की भागीदारी रही। सभा के अध्यक्षता डॉ आर पी मिश्रा संचालन आरपी उपाध्याय ने किया .
- पुलिस कमिश्नर /जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री को सोपा गया ज्ञापन
लखनऊ , 21 अप्रैल 2025, campussamachar.com, अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के आवाहन पर पूरे आज 22अप्रैल को देश भर में एवं उत्तर प्रदेश सेवानिवृत कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन तथा उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के आह्वान पर प्रदेश भर के जनपदों में कर्मचारी शिक्षक पेंशनर्स धरना एवं जोरदार प्रदर्शन कर केंद्र राज्य सरकार को अन्याय करने से बाहर जाने के लिए चेताया है ।
आंदोलन में प्रदेश के कई अन्य संगठनों का समर्थन एवं भागीदारी रही और ज्वलंत मुद्दों पर मांगों का ज्ञापन पुलिस कमिश्नर/ जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री /मुख्यमंत्री को भेज कर प्रभावी कार्यवाही करने की अपील की गई। राजधानी लखनऊ में यह कार्यक्रम कर्मचारी नेता स्वर्गीय बीएन सिंह की प्रतिमा स्थल पर आयोजित किया गया जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी शिक्षक पेंशनर्स की भागीदारी रही। सभा के अध्यक्षता डॉ आर पी मिश्रा संचालन आरपी उपाध्याय ने किया .
Luckow News : पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ यादव , शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष डॉ दिनेश शर्मा, संयोजक सुरेश कुमार त्रिपाठी निवर्तमान सदस्य विधान परिषद , माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा , प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री संजय सिंह ने दावा किया कि आज धरना प्रदर्शन में प्रदेश भर में बड़ी संख्या में कर्मचारी शिक्षकों पेंशनर्स ने सरकार की अ हितकारी आर्थिक नीतियों का विरोध दर्ज कराया है। लखनऊ में आयोजित विरोध सभा को संबोधित करते हुए सेवानिवृत कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अमरनाथ यादव ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भारत संघ बनाम यस 30 पेंशनर्स एसोसिएशन एसएलपी संख्या 29 124/ 2024 में दिए गए अपने फैसले में साफ कर दिया था कि भारत सरकार को सेवानिवृत्ति की तिथि के आधार पर पेंशनर्स में भेद करने का कोई अधिकार नहीं है । इसे पलटते हुए भारत सरकार ने लोकसभा में पारित वित्त विधेयक 2025 के माध्यम से सेवा सिविल सेवा पेंशन नियमावली सीसीएस पेंशन रूल्स 1972 में ही संशोधन कराकर पेंशनरों के बीच भेद करने का अधिकार प्राप्त कर लिया है. इससे पुराने पेंशनर्स के सामने आठवें वेतन आयोग में वेतन / पेंशन के निर्धारण पुनरीक्षण का खतरा उत्पन्न हो गया है । दूसरी ओर पुरानी सुनिश्चित पेंशन योजना (OPS) की बहाली का मुद्दा ठंडा पड़ा है ।

सेवानिवृत कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीएल कुशवाहा एवं महामंत्री ओपी त्रिपाठी ने कहा अपनी तात्कालिक जरूरत के लिए सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी जो पेंशन का 40% राशिकरण करते हैं ,उसकी भरपाई पेंशन से मासिक किस्तों में कटौती कर 8 साल 3 माह में पूरी हो जाती है पर सरकार 15 साल तक जबरन वसूली करती है, अतः 8 साल 3 माह बाद कटौती बंद होनी चाहिए।
माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रवक्ता डॉक्टर आरपी मिश्र, प्रांतीय मंत्री डॉक्टर आर के त्रिवेदी, प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुधांशु मोहन ने इस बात पर आक्रोश व्यक्त किया कि लंबे अरसे से एनपीएस के स्थान पर पुरानी सुनिश्चित पेंशन योजना (OPS) की पुरजोर मांग की जा रही है, इसे लेकर कई बड़े आंदोलन हुए, लेकिन इस सरकार बहाल करने की बजाय यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS)लेकर आई है जो कर्मचारी शिक्षकों को स्वीकार नहीं है । UPS योजना OPS का करते ही विकल्प नहीं है।

सभा को मुख्य रूप से वीके सिंह, एसपी सिंह, राधा रमन मिश्रा, कमल अग्रवाल, कमलेश मिश्रा, इंजीनियर ओपी राय, राम मूर्ति यादव, नेबू लाल, अंगद सिंह , आरपी पांडे, राजेंद्र यादव , आरपी अवस्थी, रेनू शुक्ला, शशिकांता ,एसके मिश्रा, वीरेंद्र सिंह, अनिल शर्मा, महेश चंद्र , गंगाधर निरंकारी, अवधेश कुमार सिंह, राम स्वरूप कश्यप, एलके मिश्रा, एनपी सिंह, आरडी कनौजिया, डीएस कुशवाहा, वीके अवस्थी ने संबोधित किया
