
जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय ।
बाल न बांका कर सके, जो जग बैरी होय ।।
✍ विश्वास किया जाता है कि इस दुनिया रूपी रंगमंच में, सबके रोल एवम समयावधि तय हैं ।
✍ ईश्वर के हाथ मे डोर है और हम सब कठपुतली की तरह हैं ।
✍ बड़ी-बड़ी दुर्घटनाओं में कोई ऐसे बच जाता है कि खरोंच तक नहीं आती ।
✍ तब हम कहने को विवश हो जाते हैं कि जिसको ईश्वर बचाना चाहता है, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता ।
