लखनऊ, 24 अप्रैल। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का प्रभाव अब संस्कृत शिक्षा में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। उ०प्र० माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ (UPMSSP Result 2026) द्वारा वर्ष 2026 ) की पूर्व मध्यमा द्वितीय, उत्तर मध्यमा प्रथम एवं उत्तर मध्यमा द्वितीय परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया गया है। पारदर्शी व्यवस्था के बीच पूर्व मध्यमा द्वितीय में 95.91% परीक्षार्थी, उत्तर मध्यमा प्रथम में 94.40% परिणाम और उत्तर मध्यमा द्वितीय में 94.86% परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ महेंद्र देव और माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के सचिव शिव लाल ने परीक्षाफल की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष परीक्षाएं 19 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के मध्य प्रदेश के 241 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के बीच संपन्न कराई गईं। परीक्षाफल परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.upmssp.com पर जनसामान्य के लिए उपलब्ध है। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
कन्नौज के सुजीत और प्रतापगढ़ के रजनीश बने टॉपर
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) के परीक्षाफल में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में प्रथम स्थान पर सुजीत कुमार (कन्नौज) रहे, जिन्होंने 700 में से 661 अंक (94.43%) प्राप्त किए। द्वितीय स्थान पर खुशबू सरोज (प्रतापगढ़) ने 660 अंक (94.29%) हासिल किए। तृतीय स्थान मुलायम सिंह यादव (प्रतापगढ़) और प्रियंका सरोज (प्रतापगढ़) ने संयुक्त रूप से 653 अंक (93.29%) के साथ प्राप्त किया। उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) की श्रेष्ठता सूची में रजनीश यादव (प्रतापगढ़) ने 1400 में से 1251 अंक (89.36%) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। द्वितीय स्थान पर वंशिका श्रीवास्तव (प्रतापगढ़) रहीं, जिन्होंने 1199 अंक (85.64%) प्राप्त किए। तृतीय स्थान पर काजल (प्रतापगढ़) और संस्कृति (अमरोहा) ने संयुक्त रूप से 1196 अंक (85.43%) के साथ स्थान बनाया।
पूर्व मध्यमा द्वितीय में शानदार प्रदर्शन
पूर्व मध्यमा द्वितीय परीक्षा में कुल 21,915 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 21,107 संस्थागत और 808 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल थे। परीक्षा में 16,615 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें से 15,029 सफल घोषित किए गए। इस वर्ग का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 95.91 रहा। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.96 और व्यक्तिगत का 94.78 रहा। इस वर्ग में 11,340 बालक एवं 3,689 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत (96.64%) बालकों (95.68%) से अधिक रहा।
उत्तर मध्यमा प्रथम में बालिकाओं ने फिर मारी बाजी
उत्तर मध्यमा प्रथम (UPMSSP Result 2026) द्वारा वर्ष 2026 ) में कुल 19,745 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 19,116 संस्थागत और 629 व्यक्तिगत थे। परीक्षा में 15,746 परीक्षार्थी शामिल हुए और 14,028 सफल घोषित किए गए। इस वर्ग का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.40 रहा। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.45 और व्यक्तिगत का 93.00 रहा। इस वर्ग में 10,420 बालक और 3,608 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं, जहां बालिकाओं का प्रदर्शन (94.62%) बालकों (94.33%) से बेहतर रहा।
उत्तर मध्यमा द्वितीय में लगातार बेहतर परिणाम
उत्तर मध्यमा द्वितीय (UPMSSP Result 2026) द्वारा वर्ष 2026 ) में 14,162 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 13,694 संस्थागत और 468 व्यक्तिगत थे। परीक्षा में 13,302 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें 12,306 सफल हुए। इस वर्ग का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 94.86 रहा। इसमें 9,053 बालक और 3,253 बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.95 रहा, जो बालकों (94.47%) से अधिक है।
पिछले वर्ष से बेहतर रहा परिणाम
इन परीक्षाओं में प्रदेश के 1091 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा के दौरान प्रत्येक दिन की उपस्थिति ऑनलाइन अपलोड कराई गई, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई, वहीं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू रही। इसके अतिरिक्त जनपद और मंडल स्तर पर भी ऑनलाइन कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की गई। मूल्यांकन कार्य 7 मार्च से 20 मार्च के बीच 13 केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। परिषद के अनुसार, इस वर्ष का परीक्षा परिणाम गत वर्ष की तुलना में अधिक बेहतर रहा है, जो योगी सरकार की पारदर्शी और नकलविहीन परीक्षा प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
तकनीक आधारित निगरानी से बनी परीक्षा की विश्वसनीयता
परीक्षा (UPMSSP Result 2026) द्वारा वर्ष 2026 ) के दौरान सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, राज्य स्तरीय रियल टाइम कंट्रोल रूम, जनपद एवं मंडल स्तर पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग और उपस्थिति की डिजिटल ट्रैकिंग जैसे उपायों ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नकलविहीन बनाया। यही कारण है कि इस वर्ष का परिणाम न केवल बेहतर रहा, बल्कि परीक्षा प्रणाली पर छात्रों और अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत हुआ है।
योगी सरकार की नीतियों से संस्कृत शिक्षा को मिला नया प्रोत्साहन
योगी सरकार (UPMSSP Result 2026) द्वारा वर्ष 2026 ) द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुदृढ़ीकरण और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया जा रहा है। संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षाओं का बेहतर प्रबंधन और बढ़ता उत्तीर्ण प्रतिशत इसी दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल संस्कृत शिक्षा को नई पहचान मिल रही है, बल्कि प्रदेश के छात्र-छात्राओं के लिए नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
श्रेणीवार परीक्षाफल
श्रेणीवार परीक्षाफल (UPMSSP Result 2026) द्वारा वर्ष 2026 ) के अनुसार पूर्व मध्यमा द्वितीय में सर्वाधिक 14,199 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, जबकि 816 द्वितीय श्रेणी और 5 परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में रहे। वहीं उत्तर मध्यमा प्रथम में 5,661 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में, 6,087 द्वितीय श्रेणी में तथा 555 परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण घोषित किए गए।
