- पांडेय गुट ने जनगणना कार्य में प्रवक्ता व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा एक ही कार्य करने के लिए मजबूर कर जनगणना ड्यूटी कराया जाना अमर्यादित-डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
- जनगणना 2027 में माध्यमिक विद्यालयों के परिचारक और प्रवक्ता को बनाया गया प्रगणक। योग्यता, पद और अनुभव का नहीं रखा गया ध्यान- ओमप्रकाश त्रिपाठी
- माध्यमिक विद्यालयों के प्रवक्ताओं और परिचारकों से घर घर जाकर प्रगणक का एक ही समान कार्य कराया जाना शिक्षकों की सम्मान के साथ खिलवाड़- पांडेय गुट
लखनऊ, 24 मई , त्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह पटेल, महामंत्री आशीष कुमार सिंह, संयुक्त मंत्री मिथिलेश कुमार पांडेय ने 20 मई 2026 से 20 जून 2026 तक होने वाली प्रतियोगिताओं को देखते हुए माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षिकाओं की जनगणना कार्य से कार्य मुक्त किए जाने के संबंध में सरकार से मांग की है और कहा है कि इन्हे जनगणना ड्यूटी से मुक्त किया जाए।

संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी और संयुक्त मंत्री मिथिलेश कुमार पांडेय ने अपने वक्तव्य में कहा कि माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षिकाओं की हर जगह ड्यूटी लगाया जाना छात्रों के हित और माध्यमिक शिक्षा जगत के लिए ठीक नहीं है। जहां शिक्षकों द्वारा पठन पाठन और छात्रों के व्यक्तित्व को तरासने के लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्य किए जाते हैं वहां इस भीषण गर्मी में जनगणना 2027 में ड्यूटी लगाकर शारीरिक कार्य लिया जाना उचित नहीं है क्योंकि शिक्षक कर्मचारी नहीं होता है। शिक्षक का काम केवल शिक्षण कार्य करना है न कि प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारियों को निभाना।

संगठन प्रवक्ता ने जनगणना 2027 में शिक्षक और शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाए जाने पर अपना रोष व्यक्त करते हुए कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में परिचारक और प्रवक्ता दोनों को एक ही प्रकार की ड्यूटी में लगाया जाना गैर जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है,जो प्रशासकीय नियमों और नीतिगत व्यवस्थाओं के अनुकूल नहीं है। अगर शिक्षकों की जनगणना में ड्यूटी लगानी ही थी तो उनकी कुशलता, ग्रेड पे और अनुभव को ध्यान में रखा जाना चाहिए था। संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने इस संबंध में सरकार से अपील की है कि ऐसे प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए इसमें हस्तक्षेप करे और तत्काल प्रभाव से सुधार करने हेतु निर्देश जारी करें ताकि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो।
