लखनऊ, 11 जून , डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ( RMLNLU Lucknow ) की शिक्षिका डॉ अपर्णा सिंह एवं एमिटी विश्वविद्यालय (Amity University – Leading Private University in India ) के शिक्षक डॉ राजीव कुमार सिंह की ऐतिहासिक उपलब्धि के तहत “पोर्टेबल लीगल असिस्टेंस अपैरेटस को डिज़ाइन पेटेंट मिला है”।
जाने क्या है ‘पोर्टेबल लीगल असिस्टेंस अपैरेटस’?
यह एक स्व-संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो विधिक परामर्श, दस्तावेज़ विश्लेषण एवं प्रक्रियागत सहायता को वास्तविक समय में प्रदान करने हेतु सुसज्जित है। इसके फोल्डेबल एवं वहनीय स्वरूप के कारण इसे न्यायालय कक्षों, पुलिस हिरासत केंद्रों, दूरस्थ क्षेत्रों एवं क्षेत्रीय विधिक सहायता शिविरों में तत्काल तैनात किया जा सकता है। उपकरण में बहु-प्रोसेसर कम्प्यूटिंग कोर, AI-चालित विधिक तर्क इंजन, द्विआयामी उच्च-विभेदन प्रदर्शन पटल (Dual High-Resolution Display Panels), बायोमेट्रिक/कैमरा आधारित पहचान सत्यापन मॉड्यूल तथा एन्क्रिप्टेड नेटवर्किंग हार्डवेयर समाहित हैं। इसमें वैधानिक विधि, न्यायिक मिसालों एवं प्रक्रियागत नियमों पर प्रशिक्षित AI इंजन द्वारा ऑफ़लाइन विधिक डेटाबेस तक पहुँच भी सुनिश्चित की गई है।

यह उपकरण विशेष रूप से विधिक पेशेवरों, प्रथम प्रतिसाद कर्मियों (First Responders) एवं उन नागरिकों के लिए उपयोगी है जिन्हें परामर्श, साक्षात्कार, सुनवाई अथवा क्षेत्रीय अभियानों के दौरान तत्काल विधिक सूचना की आवश्यकता होती है। यह आविष्कार न्यायतक पहुँच (Access to Justice) की दिशा में एक व्यावहारिक तकनीकी हस्तक्षेप है, जो देश के सुदूर एवं संसाधन-वंचित क्षेत्रों में विधिक सेवाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करने की क्षमता रखता है। इस डिज़ाइन का पंजीकरण भारत में विधि-प्रौद्योगिकी (LegalTech) के क्षेत्र में बौद्धिक संपदा संरक्षण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर है।
आविष्कारकों डॉ. अपर्णा सिंह एवं डॉ. राजीव कुमार सिंह का कहना है कि “यह पंजीकरण हमारी टीम के उस संकल्प को बल प्रदान करता है कि प्रौद्योगिकी का उपयोग कानूनी सहायता को हर व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए किया जाए। हम आशा करते हैं कि यह उपकरण न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी एवं सुलभ बनाने में सहायक सिद्ध होगा।”
इस एपरेटस डिज़ाइन टीम में शिवम मिश्रा और इशिका गौतम भी शामिल रहे।
